शब्बीरपुर | सहारनपुर का शब्बीरपुर गाँव पिछले एक महीने से जातीय हिंसा की आग में जल रहा है. इस हिंसा में कई लोगो को अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ा है. यही नही इस हिंसा की आंच अब शब्बीरपुर के अलावा आस पास के गाँव में भी पहुँच रही है. जिसकी वजह से प्रशासन हालात पर नियंत्रण करने में नाकामयाब रहा है. प्रशासन की नाकामी का ही असर है की राज्य के गृह सचिव को शब्बीरपुर में घर घर घूमना पड़ा है.

लेकिन हिंसा और तनाव के बीच ही दलित और ठाकुरों ने भाई चारे की बड़ी मिसाल पेश की है. यहाँ दोनों समुदाय ने मिलकर दलित की दो बेटियों की शादी करायी. दरअसल शब्बीरपुर गाँव में दलित परिवार की दो सगी बहनों की शादी होनी थी. लेकिन गाँव में तनाव का माहौल होने की वजह से इस शादी पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे थे. लेकिन इसी बीच ऐसा कुछ हुआ जिसकी किसी ने भी कल्पना नही की थी.

दलित और ठाकुर समुदाय के लोगो ने मिलकर बड़ी धूमधाम से दोनों बहनो शादी कराई. ठाकुर समाज ने शादी में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. हालाँकि इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये हुए थे. जिन दो लडकियों की शादी हुई उनके नाम प्रीति और मनीषा है. हालाँकि दोनों बहनों की शादी में कम ही रिश्तेदार शामिल हुए. लोगो का मानना है की गाँव में तनाव की स्थिति को देखते हुए कम ही रिश्तेदार शादी में शामिल हुए.

समाज के दोनों तबको ने जो भाईचारा दिखाया है उसके बाद प्रशासन को उम्मीद है की शब्बीरपुर गाँव में जल्द ही तनाव की स्थिति हट जाएगी और सब कुछ पहले जैसा सामान्य हो जायेगा. मालूम हो की इसी महीने की 5 तारीख को महाराणा प्रताप की जयंती मनाने को लेकर दलित और ठाकुरों में हिंसक झड़प हो गयी थी. इसके बाद दलितों ने सहारनपुर में एक पंचायत करने का प्रयास किया जिसमे दलितों ने पुलिस को दौड़ा दौड़ा कर पीटा और कई गाडियों में आग लगा दी.


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