नोएडा [प्रवीण विक्रम सिंह]। बिसाहड़ा कांड मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस जांच के दौरान पता चला है कि मंदिर के पुजारी ने अपनी चल-अचल संपत्ति बेच दी है। अब उसका कुछ पता नहीं चल रहा है कि वह कहां है?पुलिस को भी उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।

गत 28 सितंबर की रात गोहत्या की सूचना पर बिसाहड़ा गांव में इकलाख की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। आरोप यह था कि बिसाहड़ा मंदिर के पुजारी सुखबर दास ने मंदिर के लाउडस्पीकर से गोहत्या की घोषणा की थी, जिसके बाद गांव की उग्र भीड़ ने इकलाख की हत्या कर दी थी।

मामले में कुछ दिनों पहले ही इकलाख के परिजन ने पुजारी को भी आरोपी बनाए जाने की मांग पुलिस से की थी। हालांकि घटना के बाद पुलिस ने पुजारी को हिरासत में लिया था, लेकिन पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया था। जब परिजन ने पुजारी को आरोपी बनाए जाने की मांग की तो पुलिस ने फिर से पुजारी को तलाशना शुरू की।

एक सिपाही को पुजारी के मूल पते सहारनपुर के जड़ौदा गांव भेजा गया था। वहां जांच के दौरान यह पता चला कि कुछ दिनों पहले पुजारी अपनी चल-अचल संपत्ति बेचकर गांव से लापता हो गया है।

हालांकि सूत्रों की मानें तो पुजारी राजस्थान के एक जिले में बने मंदिर में जाकर रह रहा है, लेकिन अभी यह नहीं पता चल पाया है कि पुजारी राजस्थान के किस मंदिर में है। परिजन जल्द ही पुजारी को भी आरोपी बनाए जाने की मांग को लेकर जिला न्यायालय में पत्र दाखिल करेंगे।

बिसाहड़ा मामले का ट्रायल कोर्ट में शुरू

बिसाहड़ा कांड के मामले में ट्रायल कोर्ट में शुरू हो गया है। जल्द ही ट्रायल की पहली तारीख लगेगी। कई तारीख लगने के बाद मंगलवार को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। 18 आरोपियों की पेशी मंगलवार को कोर्ट में हुई। सभी आरोपियों को चार्जशीट रिसीव करा दी गई है।

उल्लेखनीय है कि 28 सितंबर की रात बिसाहड़ा गांव के इकलाख की हत्या और उनके बेटे दानिश को पीट-पीट कर अधमरा करने के मामले में इकलाख की पत्नी इकरामन की तरफ से पहले दस लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी और बाद में इकलाख की बेटी शाहिस्ता और दानिश के बयान के आधार पर नौ अन्य नाम एफआइआर में शामिल किए गए थे। (दैनिक जागरण)


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