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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को धुंध की आपातकालीन स्थिति से निपटने में नाकाम होने और कोई कार्ययोजना न होने पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आलोचना के साथ नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि  ”क्या आप तब तक इंतजार करना चाहते हैं, जब लोग मरना शुरू कर दें….लोग हांफ रहे हैं.”

चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने कहा कि ”क्या आप तब तक इंतजार करना चाहते हैं, जब लोग मरना शुरू कर दें. प्रतिक्रिया ढुलमुल नहीं हो सकती. लोग सांस लेने के लिए तरस रहे हैं. लोगों की यह हालत है और आप इंतजार कर रहे हैं.

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बेंच ने सीपीसीबी के अध्यक्ष एसपी सिंह परिहार से कहा, ”आपके पास योजना होनी चाहिए. आप वायु गुणवत्ता पर निगरानी के लिए स्टेशनों का प्रसार कैसे करेंगे जिससे तस्वीर साफ होगी? आपको एक योजना तैयार करनी होगी और हमें बताना चाहिए.”

वहीँ सॉलिसीटर जनरल (एसजी) ने बेंच से कहा, ”सभी कानून और नियम बने हुए हैं लेकिन क्रियान्वयन एजेंसियां वो काम नहीं कर सकीं जो हालात से निपटने के लिए जरूरी है.”

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