ईद-उल-अजहा के दुसरे दिन भैंस की कुर्बानी किये जाने को लेकर राजधानी दिल्ली में मदरसें के दो अध्यापकों को  बुरी तरह पीटा गया. भैंस की कुर्बानी पुलिस की अनुमति लेने के बाद की गई थी.

इन लोगों को उस वक्त पीटा गया जब वे कुर्बानी के अवशेष शहर के बाहर फेंकने जा रहे थे. पीड़िटत हाफिज अब्दुल खालिद, 25, और अली हसन, 35, प्रेम नगर -2 के रहने वालें हैं. ये दोनों 100 से अधिक लोगों की ओर सामूहिक कुबानी किये जाने के बाद अवशेष फेंकने के लिए ले जा रहे थे.

और पढ़े -   कैग रिपोर्ट पर बोले रक्षामंत्री - देश की सेनाओं के पास पर्याप्त मात्रा में गोला-बारूद मौजूद

दरअसल स्थानीय लोगों से सामूहिक रूप से पैसे एकत्रित कर मदरसे के लोगों ने 18 भैंसों की कुर्बानी दी थी. मदरसा संचालकों ने इसके लिए पहले से ही पुलिस से अनुमति ली थी. घटना शाम को 7:30 बजे हुई . जब वे वशेष फेंकने के लिए एक ऑटो से जा रहे थे. इस दौरान 25 लोगों के एक समूह ने उनका पीछा किया.

इस घटना के बारें में पुलिस को पहले ही जानकारी मिल गई थी फिर भी पीड़ितों को दो घंटे बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया. संधिग्धों में जलबीर और वीरेंद्र के नाम सामने आये हैं. पिछले साल भी इन दोनों ने इलाकें के लोगो को धमकिया दी थी,

और पढ़े -   चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ ने कहा - भारत के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है चीन

खालिद और अली को संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनके सिर पर ज्यादा चोट आई हैं. खालिद मदरसे में अध्यापक हैं और अली हसन एक ड्राइवर है.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE