अयोध्या में बाबरी मस्जिद की शहादत मामलें में आज से रोजाना सुनवाई  होगी. ये सुनवाई सीबीआई की विशेष अदालत करेगी. इस मामले में लालकृष्ण आडवानी, उमा भारती सहित बीजेपी के कई बड़े नेता आरोपी है.

इसी मामले में शनिवार को बीजेपी के पूर्व सांसद राम विलास वेदांती, चम्पत राय, बीएल शर्मा, महंत नृत्य गोपाल दस और धर्मदास ने सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था, हालांकि उन्हें जमानत मिल गई है. वेदांती कह चुके हैं कि उनके कहने पर कारसेवकों ने बाबरी मस्जिद गिराई थी. हालांकि उन्होंने लाल कृष्ण अडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती इंकार किया है.

वहीँ एक अन्य आरोपी राष्ट्रवादी शिवसेना पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जय भगवान गोयल ने कहा है कि 6 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा सोची समझी रणनीति के तहत गिराया गया था. गोयल के अनुसार ये 1990 में कार सेवकों की हत्या का बदला था.

वहीँ 1992 में यूपी शिवसेना के प्रेसिडेंट पवन पांडे ने दावा किया कि बाबरी मस्जिद ढाचे को सुनियोजित तरीके से गिराया गया था. इसके लिए कारसेवकों को ट्रेनिंग दी गई थी. साथ ही लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती जैसे बीजेपी नेताओं को इसकी जानकारी थी.

पांडे के अनुसार ये विध्वंश 6 दिसंबर को होना था. इसलिए 5 दिसंबर को जो बैठक बुलाई गई थी उसमें आडवाणी, उमा भारती, अशोक सिंघल मौजूद थे. पांडे के अनुसार कारसेवकों को विधिवत महाराष्ट्र, एमपी, यूपी के चित्रकूट में ढांचा तोड़ने की ट्रेनिंग दी गई थी. ढांचा कैसे तोड़ना है. दो जिलों में सैकड़ों कारसेवकों में पत्थर तोड़ने की विशेष ट्रेनिंग दी गई थी. कल्याण सिंह के मुख्यमंत्री बनने के बाद ही इसकी तैयारी शुरू हो गई थी.


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