गुजरात के 2002 नरोदा गांव दंगा मामले में विशेष एसआईटी अदालत ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को 18 सितंबर को कोर्ट में आकर गवाही देने का आदेश जारी किया है.

दरअसल इस मामले की मुख्य आरोपी गुजरात की पूर्व मंत्री माया कोडनानी ने अमित शाह को अपने गवाह के तौर पर बुलाने की दरखास्त की थी. ध्यान रहे नरोदा गांव दंगे में मुस्लिम के 11 लोगों की हत्या कर दी गई थी.

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कोडनानी ने कोर्ट में अर्जी देकर इस मामलें में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह समेत 14 लोगों के बयान दर्ज कराने के लिए इजाजत मांगी थी. नरोदा पाटिया दंगा मामले में कोडनानी को 28 साल कारावास की सजा सुनाई गई है और वह अभी जमानत पर रिहा है.

इससे पहले की सुनवाई में विशेष एसआईटी अदालत ने पूर्व बीजेपी मंत्री माया कोडनानी को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का पता ढूंढने के लिए और चार दिन दिए थे.

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अदालत ने 4 सितंबर को उन्हें अमित शाह का पता ढूंढने के लिए 8 सितंबर तक का वक्त दिया था, लेकिन कोडनानी के वकील ने और समय की मांग की थी.

इस पर कोर्ट ने कोडनानी के वकील को और चार दिन देते हुए मामले की अगली सुनवाई की तारीख 12 सितंबर तय की थी.


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