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केंद्र सरकार के किसानों के हितों में कार्य करने के लाख दावें किये जा रहे हैं लेकिन किसानो की हालत में कोई सुधार नहीं आ रहा हैं. एक अनुमान के मुताबिक देश में प्रत्येक किसान परिवार पर औसतन लगभग 47,000 रूपए का कर्ज हैं.

राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण द्वारा वर्ष 2013 में किए गए स्थिति आकलन सर्वेक्षण (एसएएस) के अनुसार प्रत्येक किसान परिवार पर औसतन लगभग 47,000 रूपए कर्ज होने का अनुमान है. इस कर्ज  में संस्थागत संस्थानों तथा सेठ-साहूकारों से लिए गए ऋण भी शामिल हैं.

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सर्वेक्षण के दौरान ग्रामीण क्षेत्र के लगभग 52 प्रतिशत किसान परिवारों के कर्ज के बोझ में दबे होने का अनुमान लगाया गया. कम जोत के किसान परिवार पर कम कर्ज भार है जबकि बडे किसान परिवारों पर अधिक कर्ज है. कम जमीन वाले 41.9 प्रतिशत किसानों पर कर्ज है जबकि 10 हैक्टेयर से अधिक जमीन वाले 78.7 प्रतिशत किसान परिवार कर्जदार हैं.

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एक हैक्टेयर से कम जमीन वाले किसान परिवार पर औसतन 31,100 रूपए का ऋण है जबकि 10 हैक्टेयर से अधिक जमीन जोतने वाले किसान परिवार लगभग 2,90,300 रूपए के कर्जदार हैं. एक हैक्टेयर से कम जमीन वाले किसानों ने संस्थागत संस्थानों अर्थात सरकार, सहकारिता समितियों और बैंकों से 15 प्रतिशत कर्ज लिया है जबकि 10 हैक्टेयर से अधिक जमीन रखने वाले किसानों ने इन संस्थानों से 79 प्रतिशत कर्ज लिया है.

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