327374-pm-narendra-modi-in-berlin

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत के लिए ‘सत्याग्रह आंदोलन’ चलाने की वकालत करते हुए कहा कि वल बजटीय आवंटन कर देने भर से स्वच्छ भारत को हासिल नहीं किया जा सकता है.

स्वच्छ भारत अभियान के दो वर्ष पूरा होने पर आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ”स्वच्छता अभियान के बाद मुझसे सड़कों पर फैले कचरे के बारे में अक्सर सवाल पूछे जाते थे. लेकिन मुझे इससे कोई समस्या नहीं है क्योंकि कम से कम अपने आसपास साफ सफाई के बारे में लोगों की जागरूकता स्वागत योग्य संकेत है.

और पढ़े -   इशरत जहां एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दो आईपीएस आधिकारी को नौकरी से हटाया

उन्होंने आगे कहा,  हर दूसरे साल देश के किसी न किसी हिस्से में चुनाव होते हैं. राजनीतिक नेता और राजनीतिक पार्टी जो अगले चुनाव की तैयारी में लगे होते हैं, उनके लिए स्वच्छता के मुद्दे को लेना काफी साहस की बात होती है क्योंकि कचरे के ढेर का कोई भी चित्र उनके लिए समस्या पैदा कर सकता है.

मोदी ने कहा कि कचरे को पुनर्चक्रण के जरिये धन और रोजगार पैदा करने का माध्यम बनाया जा सकता है. तब स्वच्छता इस तरह से बाईप्रोडक्ट बन जायेगा. उन्होंने कहा कि यह विरोधाभास है कि लोगों को कचरे का ढेर पसंद नहीं है लेकिन वे स्वच्छता को अपनी आदत नहीं बना पाये हैं। ऐसी आदत बनाना जरूरी है.

और पढ़े -   राजदीप सरदेसाई ने किया ऐसा ट्वीट की लोग पूछने लगे, क्या तुम पत्रकार हो?

उन्होंने कहा कि शहरों के बीच भी साफ सफाई और अपने शहरों को साफ रखने के लिए प्रतिस्पर्धा हो रही है. मीडिया की सकारात्मक भूमिका की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब कभी कोई योजना पेश करें तो मीडिया आमतौर पर पहले पहल उसे संदेह की नजर से देखता है. लेकिन स्वच्छ भारत अभियान का मुझसे भी अधिक प्रचार मीडिया ने किया. इस मामले में संदेश फैलाने के संदर्भ में मीडिया की भूमिका सराहनीय रही है.

और पढ़े -   राष्ट्रगान और वीडियोग्राफी इस्लाम के खिलाफ, योगी सरकार रद्द करें अपना फैसला

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE