गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने गुजरात भाजपा प्रमुख विजय रुपाणी को को अपना इस्तीफा भेज दिया है. इससे पहले उन्होंने फेसबुक पर अपने इस्तीफ़े की पेशकश की. आनंदीबेन पटेल ने बीजेपी नेतृत्व से कहा है कि वह नवंबर में 75 साल की हो जाएंगी, इसलिए उससे दो महीने पहले ही उन्हें उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया जाए.

फेसबुक पोस्‍ट में उन्‍होंने लिखा, ”दो साल से पार्टी में ऐसी परंपरा है कि 75 से ऊपर के सदस्य बड़े पदों से खुद मुक्त हो रहे हैं। इसी परंपरा को मैं आगे बढ़ा रही हूं।  मैं इस नवंबर में 75 साल की होने जा रही हूं। अगले साल वाइब्रेंंट गुजरात जैसे बड़े कार्यक्रमों की तैयारी के लिए पर्याप्‍त समय मिल सके। आज मैंने एक बार फिर आलाकमान को पत्र लिखकर आग्रह किया कि मुझे मुख्‍यमंत्री पद से हटने की अनुमति दी जाए।”

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आनंदी बेन पाटीदारों के आरक्षण आन्दोलन के समय से ही आलोचकों के निशाने पर थी और अब दलित आंदोलनों ने उनकी सरकार की चारों और किरकिरी कर दी हैं. ऐसे में आनंदी बेन को विपक्ष के साथ अपनी ही पार्टी में आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा हैं.

गौरतलब रहें कि दो साल पहले नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्‍हें गुजरात का सीएम बनाया गया था. वे गुजरात की पहली महिला सीएम थीं.

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