संसद भवन के सेंट्रल हॉल  में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य न्यायाधीश खेहर ने रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई. कोविंद ने देश के 14वें राष्ट्रपति पद की शपथ ली. शपथ लेने के बाद उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई.

इस दौरान दिए भाषण में रामनाथ कोविंद ने देश की 125 करोड़ जनता का धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि वे देशवासियों की उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा, मैं पूरी विनम्रता के साथ इस पद को ग्रहण करता हूं. सेंट्रल हॉल में आकर पुरानी यादें ताजा हुई, सांसद के तौर पर यहां पर कई मुद्दों पर चर्चा की है. मैं मिट्टी के घर में पला बढ़ा हूं, मेरी ये यात्रा काफी लंबी रही है.

कोविंद ने कहा कि मैं संसद सदस्य रहा हूं. इसी सेंट्रल हॉल में आपमें से कई लोगों के साथ विचार-विमर्श किया है. सहमती-असहमती के बीच यहीं एक दूसरे के विचारों का सम्मान करना सीखा. यही लोकतंत्र की खूबसूरती है.उन्होंने कहा कि उनका जन्म और पालन-पोषण मिट्टी के घर में हुआ था.

राष्ट्रपति ने कहा कि “हम सब एक हैं, एक रहेंगे. हमें गांधी जी और दीनदयाल उपाध्याय के सपनों के भारत का निर्माण करना है. आज पूरे विश्व में भारत का महत्व बढ़ा है. विश्व के दूसरे देश अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के लिए भारत की ओर देख रहे हैं.

राष्ट्रपति राष्ट्राध्यक्ष होने के नाते देश की तीनों सेनाओं (थल, जल और वायु) का प्रमुख होता है। गॉर्ड ऑफ ऑनर लेने के बाद रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति भवन गए जो अब अगले पांच सालों तक उनका आधिकारिक आवास होगा।


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

अभी पढ़ी जा रही ख़बरें

SHARE