chetan

सुप्रीम कोर्ट द्वारा देश भर के सिनेमा घरों में राष्ट्रगान को अनिवार्य किये जाने के फैसले की आलोचना की. इस फैसले के बारे में उन्होंने ट्वीट कर कहा कि  ‘भारत को एक इंच भी फासिज्म की तरफ लेकर मत बढ़ो. दुनिया की सबसे बड़ी डेमोक्रेसी को उसके रूप में रहने दीजिए. माननीय सुप्रीम कोर्ट, प्लीज आप केस सुलझाइए. हमें ये मत बताइए कि रहना कैसे है?’

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपने गुस्से का इजहार करते हुए कहा कि “फ़िल्मों से पहले राष्ट्रगान पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से स्तब्ध हूं. राष्ट्रवाद थोपे जाने से निजी आज़ादी का उल्लंघन होता है.

उन्होंने आगे कहा, “मैं कोई क़ानूनी विशेषज्ञ नहीं हूं लेकिन नहीं जानता कि किस प्रावधान के तहत सुप्रीम कोर्ट एक टिकट ख़रीदने वाले ग्राहक और सिनेमा मालिक के बीच निजी क़रार में हस्तक्षेप कर सकता है।”

चेतन भगत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि “सभी टीवी कार्यक्रमों से पहले राष्ट्रगान क्यों नहीं? सभी खेलों से पहले क्यों नहीं? सेक्स करने से पहले भी राष्ट्रगान क्यों न गाया जाए? ये हास्यास्पद है.


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

Related Posts

loading...
Facebook Comment
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें