केन्‍द्र सरकार ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के माइनोरिटी स्‍टेटस पर पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के मत से अलग रूख अपनाया था।

केन्‍द्र सरकार ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और जामिया मिलिया इस्‍लामिया यूनिवर्सिटी से अल्‍पसंख्‍यक संस्‍थान का दर्जा छीनने की तैयारी कर ली है। सामाजिक न्‍याय और सशक्तिकरण मंत्री थावरचंद गहलोत के मानव संसाधन मंत्री स्‍मृति ईरानी को लिखे खत से पता चलता है कि एचआरडी मंत्रालय ने एएमयू और जामिया से अल्‍पसंख्‍यक संस्‍थान का दर्जा हटाने के लिए कारण तैयार कर लिए हैं। इंडियन एक्‍सप्रेस को मिले 18 जनवरी को लिखे इस खत में गहलोत ने ईरानी को इन संस्‍थानों पर सरकार का रूख साफ करने पर धन्‍यवाद दिया है।

इसमें गहलोत ने लिखा कि,’ जा‍मिया मिलिया यूनिवर्सिटी और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्‍पसंख्‍यक संस्‍थान के बजाय सेंट्रल यूनिवर्सिटी होने को लेकर दी गए आपके बयान के लिए मैं आपको धन्‍यवाद देता हूं। आपका कार्य सराहनीय है क्‍योंकि अल्‍पसंख्‍यक संस्‍थान की आड़ में इन यूनिवर्सिटीज ने एससी, एसटी और ओबीसी के लिए सीटें आरक्षित रखना बंद कर दिया और अन्‍य सुरक्षा धाराओं को भी नजरअंदाज किया। इस प्रशंसनीय कदम से संयुक्‍त समाज के निर्माण में सहयोग मिलेगा और प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के सबका साथ सबका विकास के विचार में मदद होगी।

गौरतलब है कि हाल ही में केन्‍द्र सरकार ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी पर पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के मत से अलग रूख अपनाया था। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह इस संस्‍थान को अल्‍पसंख्‍यक संस्‍थान का दर्जा देने के पक्ष में नहीं है। अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कोर्ट को बताया कि, केन्‍द्र में कार्यकारी सरकार के रूप में हम धर्मनिरपेक्ष राज्‍य में एक अल्‍पसंख्‍यक संस्‍थान को स्‍थापित नहीं कर सकते। साभार: जनसत्ता


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