नई दिल्ली | तीन तलाक के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है. वो तीन तलाक के खिलाफ कानून लाने की तैयारी कर रहे है. केंद्र सरकार की और से यह बात अटोर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट को बताई. यही नही केंद्र सरकार के आग्रह पर सुप्रीम कोर्ट बहुविवाह और हलाला की भी समीक्षा करने के लिए तैयार हो गया है.

11 मई से तीन तलाक के ऊपर रोज सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट में आज केंद्र सरकार ने अपना मत रखा. मुकुल रोहतगी ने कोर्ट को बताया की हमारा मानना है की सभी प्रकार के तलाक बुरे है. जबकि तीन तलाक से तो मुस्लिम महिलाओं के मौलिक अधिकारों का भी हनन हो रहा है. हमारे देश में मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार नही मिल पा रहे है जबकि दुसरे देशो में उनको ज्यादा अधिकारी प्राप्त है.

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मुकुल रोहतगी ने दलील देते हुए कहा की जब सऊदी अरब, इरान, ईराक, लीबिया, मिश्र और सूडान जैसे देशो में तीन तलाक ख़त्म हो सकता है तो हमारे देश में क्यों नही? तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं को देश और दुनिया में मिल रहे अधिकारों से उनको वंछित रख रहा है. उधर मशहूर वकील राम जेठमलानी ने भी तीन तलाक को असंवैधानिक बताते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की.

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केंद्र सरकार की दलील सुनने के बाद जस्टिस ललित ने मुकुल रोहतगी से पुछा की अगर हम तीन तलाक को खत्म कर देते है तो आगे क्या रास्ता है. इस पर मुकुल ने बताया की केंद्र सरकार इस पर कानून लेकर आयेंगे. इससे पहले कोर्ट ने कहा की हम इस देश में मौलिक अधिकारों और अल्पसंख्यको के अधिकारों के संरक्षक है. कोर्ट ने बहुविवाह और हलाला पर भी समीक्षा करने की हामी भरते हुए कहा की अभी चूँकि समय कम है इसलिए हम केवल तीन तलाक पर सुनवाई करेंगे लेकिन आगे इन दोनों मुद्दों की भी समीक्षा की जाएगी.

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