बीते साल 15 अक्टूबर से लापता चल रहे जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र नजीब अहमद को तलाश करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीआई को हर मुमकिन कोशिश करने का आदेश दिया है.

कोर्ट ने ये आदेश सीबीआई की और से दाखिल स्टेटस रिपोर्ट को देखने के बाद दिया है. दरअसल सीबीआई ने कोर्ट में नजीब का पता लगाने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी देते हुए स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर किसी नतीजे पर पहुँचने के लिए कुछ और वक्त माँगा है.

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जस्टिस जी एस सिस्तानी और जस्टिस चंद्रशेखर की पीठ ने कहा, ‘‘हम सीबीआई को निर्देश देते हैं कि वह 15 अक्तूबर 2016 से लापता व्यक्ति का पता लगाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए.’’ अदालत ने जांच ब्यूरो से स्थिति रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में दाखिल करने की वजह पूछी. इस पर जांच ब्यूरो के वकील ने कहा कि वे गवाहों का नाम उजागर नहीं करना चाहते.

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एजेंसी के वकील ने पीठ को बताया कि उन्होंने जांच के दौरान 26 लोगों से पूछताछ की थी, जिनमें जेएनयू के अधिकारी, कर्मचारी, नजीब के दोस्त, सहकर्मी और उसके साथ मतभेद रख चुके लोग शामिल थे.

ध्यान रहे कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच से वापस लेकर सीबीआई को मई 2017 में सौंपा था. सीबीआई ने नजीब के बारे में जानकारी देने वाले को 10 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की थी. लेकिन अब तक कोई कामयाबी सीबीआई के हाथ नहीं आई.

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