भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और महू के विधायक कैलाश विजवर्गीय के खिलाफ हाई कोर्ट में लगी चुनाव याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। इस सुनवाई में प्रेस फोटोग्राफर पहले तो पलट गया लेकिन जब प्रतिपरीक्षण हुआ तो  उसने सारी बातें स्वीकार कर लीं।

रायकवार ने पहले अपने बयान में यह स्वीकार करने से इनकार कर दिया था कि उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय के नोट बांटने से जुड़ी खबर का लाइव इंदौर से किया था, लेकिन जब दरबार के वकील रवींद्र सिंह छाबड़ा ने उन्हें उस टीवी पर चली सीडी कोर्ट में दिखाई तो उनके पास अपने झूठ का कोई जवाब नहीं था। पहले वह हर बात पर कह रहे थे मुझे कुछ याद नहीं है, लेकिन जैसे-जैसे सीडी चलाई गई उन्हें सभी बातों पर सहमति देना पड़ी।

उन्होंने स्वीकार किया कि कैलाश की नोट बांटने वाली न्यूज उन्हें महू के संवाददाता विशाल शर्मा ने दी थी, जिसे दिल्ली भेजा गया और न्यूज चलाई गई थी। इस न्यूज पर दिल्ली मे बैठे एंकर द्वार सवाल पूछने पर रायकवार ने स्वीकार किया था कि कैलाश नोट बांटते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि खबर में मेरी ही आवाज थी। एडवोकेट विभोर खंडेलवाल ने बताया अपने बयान में रायकवार ने यह भी स्वीकार किया है कि कैलाश विजयवर्गीय ने आचार संहिता का उल्लंघन किया है।  (newsmanthan)


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