हरिद्वार | उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत पर हत्या के प्रयास का मुक़दमा दर्ज किया गया है. सीजेएम् कोर्ट में दायर वाद पर चार जून को सुनवाई की जायेगी. मातृसदन के ब्रह्मचारी दयान्द ने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और एसडीएम् के खिलाफ मातृसदन के संतो की हत्या का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए यह वाद दायर किया. दरअसल इस पुरे मामले की पठकथा , गंगा में खनन की अनुमति देने के बाद शुरू हुई.

13 मई को सरकार ने गंगा में खनन शुरू करने की इजाजत देने के बाद मातृसदन ने इस फैसले के खिलाफ आन्दोलन शुरू कर दिया. आन्दोलन के तहत मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने 11 दिन तक अनशन किया. इसके बाद मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानन्द ने इस अनशन को आगे बढाया. लेकिन पांच दिन पहले उन्होंने जल त्यागने की भी घोषणा कर दी जिससे प्रशासन के हाथ पाँव फूल गए.

स्वामी शिवानन्द ने मंगलवार को भी अपना अनशन जारी रखा. पांच दिन से जल ग्रहण न करने की वजह से जब उनकी तबियत बिगड़ने लगी तो प्रशासन ने बल पूर्वक उनको फीड कराने का फैसला किया. एसडीएम् मनीष कुमार भारी पुलिस बल लेकर मातृसदन पहुंचे. सदन के संतो का आरोप है की पुलिस बल ने वहां लगी तारो की फेंसिंग को कटर से काटा और वहां लगे हुए ताले भी तोड़े दिए गए.

मातृसदन के ब्रह्मचारी दयानंद ने इस पूरी कार्यवाही को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत की साजिश करार देते हुए उन पर संतो की हत्या का प्रयास करने का आरोप लगाया. मातृसदन के अधिवक्ता अरुण भदौरिया ने ब्रह्मचारी दयानंद की तरफ से सीजेएम् कोर्ट में वाद दाखिल कर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र, डीएम् दीपक रावत और एसडीएम् मनीष कुमार के खिलाफ पवित्र स्थल की मर्यादा भंग करने और संतो की हत्या का प्रयास करने के आरोप लगाये. मामले की सुनवाई चार जून की जायेगी.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

अभी पढ़ी जा रही ख़बरें

SHARE