आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि भारत संस्कृति और इतिहास जैसे मुद्दों पर तो दुनिया में बढ़चढ़कर अपनी बात कह सकता है, लेकिन वृद्धि के मोर्चे पर वह ऐसा नहीं कर सकता है.

उन्होंने कहा कि आर्थिक वृद्धि पर बोलने के लिए भारत को लगातार दस साल तक 8 से 10 प्रतिशत की उच्च आर्थिक वृद्धि दर हासिल करनी होगी. उन्होंने कहा, ऐसी स्थिति में  ही सरकार को दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था को लेकर अपना सीना ठोकना चाहिए.

राजन ने कहा, ‘‘मैं कोई भविष्यवाणी नहीं कर रहा हूं.. मैं सिर्फ यह कह रहा हूं कि खुद को लेकर अति उत्साह दिखाते समय हमें सतर्कता बरतनी चाहिए. यह टिप्पणी अप्रैल, 2016 में की गई थी. उसके बाद से प्रत्येक तिमाही में हमारी वृद्धि दर गिरी है. इसलिये जो हुआ है, उसे देखते मैं कह सकता हूं.’’

पूर्व गवर्नर ने कहा, ‘‘1990 के दशक से हम 6-7 या 8 प्रतिशत की दर से वृद्धि हासिल करते रहे हैं लेकिन आगे दस साल तक हमें इस पर कुछ और प्रतिशत हासिल करने चाहिए, तब हम अधिक बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे. हमें अपनी छाती नहीं ठोकनी चाहिये. मैं चाहूंगा कि हम अगले दस साल तक 8 से 10 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि हासिल करें.’’

राजन ने कहा कि 2.5 लाख करोड़ डॉलर के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार अभी छोटा है. लेकिन हमें लगता है कि हम काफी बड़े देश हैं. जबकि इस मामले में चीन पांच गुना बड़ा है. अगर हमें चीन के बराबर आना है तो चीन की वृद्धि दर घटनी चाहिए और अगले दस साल तक भारत की वृद्धि तेजी से बढ़नी चाहिए.


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