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सैयद आबिद जलाली नाम के कश्मीरी युवक को पिछले साल जयपुर पुलिस ने आतंकवाद के आरोप में गिरफ्तार किया था।बताया जा रहा हैं कि नैशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) आबिद को आतंक के आरोपों से बरी कर जल्द ही क्लीन चिट देने वाली हैं। आबिद जयपुर में 6 महीने से जेल में बंद हैं। अब आबिद को जल्द ही रिहा किया जा सकता है।

जयपुर के एक बिजनसमैन ने जलाली पर आरोप लगाया था कि वह आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन से जुड़े हैं। जिसके बाद आबिद को गिरफ्तार कर उनका यह केस एनआईए को सौंप दिया गया।

NIA के अधिकारियों के अनुसार, जलाली कश्मीर घाटी में जूलरी का काम करते थे और उनका सत्य प्रकाश आर्या के साथ कारोबारी रिश्ता था, जिनकी शिकायत पर जलाली को गिरफ्तार किया गया था। जांचकर्ताओं के मुताबिक, आर्या की शिकायत को शुरू में बिजनस विवाद के तौर खारिज कर दिया गया, जिस पर वह अदालत चले गए। इसके बाद अदालत के आदेश पर राज्य की पुलिस ने जलाली पर FIR दायर कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

सुनवाई के दौरान जलाली का रिश्ता हिज्बुल मुजाहिद्दीन से जोड़ा गया। अदालत ने NIA को हिज्बुल मुजाहिद्दीन के साथ उनके लिंक की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। उन पर मोहम्मद अमीन भट्ट के साथ जुड़े होने का भी आरोप लगाया गया और साथ ही कहा गया कि उन्होंने हिज्बुल के सदस्य के तौर पर 2010 की गर्मियों में घाटी में पथराव भी किया था।। मोहम्मद अमीन हिज्बुल का सदस्य है और उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज है।

NIA की तरफ से की गई अब तक की जांच में पता चला कि जलाली के आर्या के साथ कारोबारी रिश्ते थे और बकाया रकम का भुगतान न करने के कारण जलाली को गलत तरीके से फंसाया गया। जांच एजेंसी ने कहा कि जलाली के बैकग्राउंड की भी पड़ताल की गई, लेकिन उनका हिज्बुल मुजाहिद्दीन के साथ किसी तरह के लिंक का पता नहीं चला।


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