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हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद उसके पिता मुजफ्फर वानी ने एक चौकाने वाला खुलासा किया हैं. उन्होंने कहा कि बुरहान जब 10 साल का था तो भारतीय सेना में शामिल होना चाहता था और परवेज रसूल की तरह क्रिकेटर भी बनना चाहता था.

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में बुरहान के पिता ने कहा कि उसे भारतीय सेना की वर्दी बहुत पसंद थी और उसने 10 साल की उम्र में सेना के एक जवान को बताया था कि वह सेना में भर्ती होना चाहता है. तब सेना बुरहान के गांव में ही एक आतंकियों के गांव में एक सर्च ऑपरेशन चला रही थी.

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उन्होंने आगे कहा कि उसके एनकाउंटर से 2 महीने पहले उन्होंने बुरहान को मनाने की काफी कोशिश की कि वह घर आ जाए, लेकिन वह नहीं माना. मुजफ्फर बताते हैं कि बुरहान 1994 में पैदा हुआ था, इसलिए उसने अपने बचपन में घाटी में सबसे ज्यादा अस्थिरता देखी थी। ऐसे में उसका वह दर्द महसूस करना स्वाभाविक था.

मुजफ्फर के अनुसार उनका तीसरा बेटा बंदूक नहीं उठाएगा, उन्हें इस बात का पूरा भरोसा है. उन्होंने ये भी कहा कि वह किसी भी राजनीतिक पार्टी से जुड़ना नहीं चाहते, बस अपने बच्चों को पढ़ा-लिखाकर किसी काबिल बनाना चाहते हैं.

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