दलाई लामा ने रोहंग्या शरणार्थी संकट के बारे में पहली बार बात करते हुए कहा कि बुद्ध ने बौद्ध-बहुसंख्यक म्यांमार में हिंसा से मुसलमानों को भागने में मदद की होगी.

पड़ोसी म्यांमार में हालिया हिंसा के बाद हज़ारों रोहंगिया बांग्लादेश में आ गए हैं, अब तक इस हिंसा में 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से ज्यादातर रोहिंग्या है.

दलाई लामा ने पत्रकारों से कहा कि “वे लोग जो कुछ मुसलमानों को परेशान कर रहे हैं, उन्हें बुद्ध को याद रखना चाहिए” “वह निश्चित रूप से उन गरीब मुसलमानों को मदद करेंगे तो फिर भी मुझे लगता है कि यह बहुत दुख की बात है.”

बौद्ध बहुल आबादी वाले म्यांमार में रोहिंग्या के लिए व्यापक नफरत है, जिन्हें नागरिकता से वंचित किया गया है और अवैध “बांग्ला” आप्रवासियों का लेबल दिया गया है.

फायरब्रांड भिक्षुओं के नेतृत्व में बौद्ध राष्ट्रवादियों ने एक लंबा इस्लाफ़ोबिक अभियान चलाया है, जिससे उन्हें देश से बाहर धकेला जा रहा है.


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