रजीब के मुताबिक, हमलावरों ने दो हथियारों से फायरिंग की थी। जब तंजील और फरजाना को लेकर थाने पहुंचे तो पुलिसवालों ने कोई मदद नहीं की, परिवार के लोगों के हंगामा करने पर एंबुलेंस में मुरादाबाद ले गए, लेकिन बिजनौर में उन्‍हें अस्पतालों के चक्‍कर काटने पड़े।

एनआईए अफसर तंजील अहमद की हत्‍या के बाद उनके भाई रजीब अहमद ने केंद्र सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया है। उन्‍होंने मीडिया से बातचीत में कहा, ”मैं इस बात से बेहद दुखी हूं कि केंद्र सरकार से कोई मंत्री नहीं आया, क्योंकि हम मुसलमान हैं। क्या तंजील ने देश के लिए काम नहीं किया था, क्या वो शहीद नहीं हैं। केजरीवाल आए, लेकिन वो हमसे नहीं मिले।”

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रजीब ने मीडिया को यह भी बताया कि शनिवार रात जब तंजील की जख्‍मी पत्‍नी को अस्‍पताल ले जाया गया तो अस्‍पताल में उन्‍हें एडमिट तक नहीं किया गया। किसी ने कहा कि डॉक्‍टर्स नहीं हैं, तो कोई बोला कि अस्‍पताल बंद हो गया है। जानकारी के मुताबिक, यूपी एसटीएफ के अफसर तंजील के भाई उनके बेटे से पूरी घटना की जानकारी ले रहे हैं। बेटे से उस रात क्या-क्या हुआ यह भी पूछा जा रहा है। भाई से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि कितने बजे वो स्‍योहरा पहुंचे, उसके बाद कहां-कहां गए, कितने बजे निकले। एसटीएफ के अफसर तंजील अहमद के दिल्ली स्थित शाहीन बाग के घर में हैं।

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तंजील के भाई ने बताया कि शादी में उन्‍होंने दो संदिग्ध लड़कों को देखा था, जो ब्लैक कलर की पल्सर से आए थे। संदिग्धों को तंज़ील के बच्चों ने शादी से निकलते हुए भी उनको घूरते हुए देखा और फिर पीछा करते हुए भी। बच्चों के मुताबिक़, पल्सर पर सवार दो लड़के कार के सामने से आए फिर कार के पीछे से यू-टर्न लिया और कार को साइड करते हुए मिट्टी के ढेर पर गाड़ी चढ़ गई इसके बाद हमलावरों ने सीधा तंजील के सीने पर गोली मारी।

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रजीब के मुताबिक, हमलावरों ने दो हथियारों से फायरिंग की थी। जब तंजील और फरजाना को लेकर थाने पहुंचे तो पुलिसवालों ने कोई मदद नहीं की, परिवार के लोगों के हंगामा करने पर एंबुलेंस में मुरादाबाद ले गए, लेकिन बिजनौर में उन्‍हें अस्पतालों के चक्‍कर काटने पड़े। (Jansatta)


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