द्वितीय विश्व यु्द्ध के दौरान (वर्तमान के) अरुणाचल प्रदेश में क्रैश हुए अमेरिकी एयरफोर्स के बी-24 बॉम्बर और सैनिकों के अवशेषों को भारत ने अमेरिका को वापस सौंप दिया। बुधवार को ये सभी चीजें अमेरिका रवाना कर दी गईं।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी रक्षामंत्री एश्टन कार्टर ने खुद इस वापसी प्रोग्राम की निगरानी की। अमेरिका ने इस व्यवहार के लिए भारत का शुक्रिया अदा किया। कार्टर ने बरामदगी कोशिश में मदद के लिए मनोहर पर्रिकर और भारत सरकार का शुक्रिया अदा किया। अवशेषों को अमेरिका रवाना करने से पहले नई दिल्ली एयरपोर्ट पर एक ऑनर सेरेमनी की गई। भारत-अमेरिका के साझा बयान में कहा गया, भारत सरकार अमेरिकी फौजियों के अवशेषों को वापस करने का वादा पूरा कर रही है।

गौरतलब है, पूर्व की संप्रग सरकार के दौरान भी अमेरिका ने भारत के सामने यह मांग रखी थी। लेकिन उस दौरान चीन ने इसका यह कहते हुए विरोध किया था, कि अरुणाचल प्रदेश में यह अवशेष हैं और वह उसका हिस्सा है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने अमेरिका को ये अवशेष ले जाने की इजाजत दे दी। बराक ओबामा जब पिछली बार भारत आए थे तो उन्होंने नरेंद्र मोदी के सामने यह मुद्दा उठाया था।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान 500 से ज्यादा प्लेन चीन-भारत-बर्मा इलाके में लापता हुए थे। B-24 बॉम्बर जो हॉट एज हैल (नरक जैसा गर्म) के नाम से जाना जाता है। आठ क्रू मेंबर्स के साथ यह जनवरी 1944 में लापता हो गया था। यह उन कई एयरक्राफ्ट्स में शामिल था, जो सप्लाई के लिए इस्तेमाल होते थे। अमेरिका उन एयरक्रू के शवों को बरामद करने की कोशिश कर रहा है जो असम और चीन के कुनमिंग के बीच प्लेन हादसों में मारे गए थे। (hindi.news24online.com)


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

Facebook Comment

Related Posts

loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें