मुंबई | दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र आजकल ईवीएम् में गड़बड़ी की आशंकाओ के बीच तलवार की धार पर चल रहा है. देश की लगभग सभी विपक्षी पार्टियों ने चुनावो में ईवीएम् के इस्तेमाल पर सवाल उठाये है. यही नही उनका यह भी मानना है की बीजेपी ईवीएम् में गड़बड़ी कर चुनावो में प्रचंड जीत हासिल कर रही है. इससे सम्बंधित कुछ शिकायते लेकर करीब 18 विपक्षी दल राष्ट्रपति से भी मिले है.

अब इसी मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक अहम् फैसला दिया है. महाराष्ट्र विधानसभा चुनावो में हार का सामना करने वाले कांग्रेस के एक उम्मीदवार ने कोर्ट में याचिका डाल दावा किया था की उसकी हार ईवीएम् में गड़बड़ी की वजह से हुई है. इसी मामले पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने उस चुनाव में इस्तेमाल हुई ईवीएम् की फॉरेंसिक जांच करने के आदेश दिए है.

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दरअसल 2014 में पुणे के पर्वती विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार अभय छाजेड़ को बीजेपी उम्मीदवार ने हरा दिया था. जिसके बाद अभय ने अपनी हार का ठीकरा ईवीएम् के ऊपर फोड़ दिया था. इसके पीछे का तर्क देगे हुए अभय ने कहा की मुझे जिस बूथ से केवल 57 वोट मिले वहां के 63 लोगो ने मुझे एफेड़ेविट दिए है की हमने वोट आपको दिया है.

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इसी आधार पर मैंने हाई कोर्ट में अपील की और ईवीएम् की जांच करने की मांग की. अभय की इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने पुणे के जिलाधिकारी को आदेश दिया है की वो विवादित बूथ पर इस्तेमाल होने वाली ईवीएम् को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजे. खबर है की ईवीएम् की जांच हैदराबाद की किसी लैब में की जाएगी. मालूम हो की नैनीताल हाई कोर्ट ने भी उत्तराखंड की छह विधानसभा सीटो पर इस्तेमाल हुई ईवीएम् को सील करने के आदेश दिए है.

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