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केंद्र सरकार ने नोट बंदी करके ब्लैकमनी रखने वालों के खिलाफ जो चाबुक चलाया हैं. उसके जवाब में ब्लैकमनी रखने वालों ने भी इसका तोड़ निकाल लिया हैं.

ग्वालियर में एक कारोबारी ने शहर के सभी भिखारियों को चाय नाश्ते पर आधार कार्ड के साथ बुलाया. सभी भिखारियों को आधार कार्ड देखने के बाद नौकरी दे दी गई. प्रत्येक भिखारी को कमीशन पर रोजाना 4000 रु के पुराने नोट बैंक से बदलवाने का काम दिया गया. सारे भिखारियों को शहर के सभी बैंक में रोजाना भेजा जा रहा हैं.

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इसी तरह से कई जगहों पर स्टूडेंट्स को कमीशन पर लगाया जा रहा हैं. कहीं पर काम करने वाले मजदूरों को ये जिम्मा दिया गया हैं. इसके अलावा बहुत से कारोबारी 20 से 30 प्रतिशत कमीशन पर दूसरों के अकाउंट में काला  धन जमा करा रहे हैं.

इसके अलावा बहुत से कारोबारियों ने एडवांस तनख्वाह देकर अपने कर्मियों को खुद के अकाउंट में जमा कराने के लिए कहा हैं.

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