नई दिल्ली –जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के कैम्पस में ABVP के विरोध के बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश करने वाले देशद्रोही हैं। JNU छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी पर राहुल ने कहा कि एक नौजवान ने अपनी बात रखी और सरकार उसे राष्ट्र विरोधी करार दे रही है।

राहुल ने कहा, ‘वे लोग यह नहीं समझते हैं कि आपका दमन करके वे आपको और मजबूत बना रहे हैं। वे लोग इस बात से डरे हुए हैं कि कमजोर लोग अपनी आवाज उठा रहे हैं।’ JNU विवाद को रोहित वेमुला के मसले से जोड़ते हुए राहुल बोले, ‘मैं कुछ दिनों पहले हैदराबाद में था और इन्हीं लोगों ने और इनके नेताओं ने कहा था कि रोहित वेमुला राष्ट्र विरोधी थे। सबसे ज्यादा राष्ट्र विरोधी वे लोग हैं जो JNU की आवाज दबा रहे हैं।’

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ABVP समर्थक छात्रों द्वारा काले झंडे दिखाने की बात पर राहुल ने कहा, ‘जिन लोगों ने मेरे मुंह पर काले झंडे दिखाए, मैं गर्व महसूस करता हूं कि मेरे देश में उन्हें मेरे सामने काले झंडे दिखाने का अधिकार है।’ उन्होंने छात्रों से हर कदम पर सवाल उठाने की अपील की।

इससे पहले JNU कैम्पस पहुंचने पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। यूनिवर्सिटी कैम्पस में राहुल वापस जाओ के नारे भी सुनाई दिए। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक विरोधी छात्र गुटों में धक्का-मुक्की की भी सूचना है। राहुल के कैम्पस पहुंचने से पहले आनंद शर्मा समेत कांग्रेस के अन्य नेता जेएनयू पहुंच गए थे।

उधर, BJP ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्र नेता की गिरफ्तारी की आलोचना करने वाले राहुल गांधी और विपक्ष के दूसरे नेताओं पर निशाना साधते हुए शनिवार को कहा कि वे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की भाषा बोल रहे हैं, जो शहीदों का अपमान है और जिससे राष्ट्र विरोधी ताकतों का मनोबल बढ़ेगा।

बीजेपी ने दावा किया कि जेएनयू परिसर में कुछ लोगों द्वारा आयोजित किए गए ‘भारत विरोधी’ मार्च की देश भर में निंदा हो रही है, लेकिन कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दल अपने ‘राजनीतिक द्वेष’ और वोट बैंक की राजनीति के कारण मोदी सरकार को निशाना बना रहे हैं।

बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा, ‘राहुल गांधी और उनके दोस्त लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी हाफिज सईद की भाषा बोल रहे हैं, जिसने जेएनयू में भारत विरोधी कार्यक्रम के समर्थन में ट्वीट किया है। यह हमारे शहीदों और सशस्त्र बलों का अपमान है, जो सीमा पर अपने प्राणों का बलिदान करते हैं और इससे राष्ट्र विरोधी ताकतों का मनोबल बढ़ेगा।’

उन्होंने कहा, ‘जेएनयू ने कई बुद्धिजीवियों और नौकरशाहों को जन्म दिया है। वहां कुछ लोगों ने भारत विरोधी भाषण दिए। कानून अपना काम कर रहा है। BJP कांग्रेस से अपील करेगी कि वह राजनीतिक कारण से हमारे शहीदों का अपमान ना करे।’ उन्होंने हाल में हुई सैनिकों की मौत की तरफ इशारा करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जहां सैनिक सीमा पर अपने प्राणों का बलिदान दे रहे हैं वहीं JNU जैसे संस्थान में भारत विरोधी नारेबाजी की जा रही है और आतंकियों का गुणगान हो रहा है।’

अफजल गुरु की फांसी की तीसरी बरसी पर जेएनयू में वामपंथी छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं के विवादित आयोजन के संदर्भ में छात्र नेता की गिरफ्तारी को लेकर राहुल ने कहा था, ‘मोदी सरकार और एबीवीपी जेएनयू जैसे संस्थान पर सिर्फ इसलिए धौंस जमा रहे हैं क्योंकि यह उनके अनुसार नहीं चल रहा। यह पूरी तरह से निंदनीय है।’

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा था, ‘भारत विरोधी भावना स्वीकार्य होने का कोई सवाल ही नहीं है, जबकि असहमति और चर्चा का अधिकार लोकतंत्र का आवश्यक तत्व है।’ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा था, ‘कोई भी राष्ट्र विरोधी ताकतों का समर्थन नहीं करता। लेकिन निर्दोष छात्रों को निशाना बनाना और उसे बहाने के तौर पर इस्तेमाल करना मोदी सरकार को बहुत महंगा पड़ेगा।’

बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि हिंसा एवं भारत विरोधी गतिविधियों को ‘वैचारिक ढाल’ देने की कोशिशों को मंजूरी नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री के खिलाफ जिस तरह खराब भाषा का इस्तेमाल किया गया… छात्रों का एक समूह सांस्कृतिक आंदोलन के नाम पर जेएनयू जैसे संस्थान की गरिमा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।’

पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी डेविड हेडली द्वारा इशरत जहां को लेकर किए गए दावों की पृष्ठभूमि में त्रिवेदी ने JNU मुद्दे पर विपक्षी दलों के साथ शामिल होने के लिए जदयू की आलोचना करते हुए कहा कि उसने इशरत को ‘बिहार की बेटी’ बताया था।

उन्होंने कहा, ‘ऐसे समय में जब बिहार का अपराधीकरण हो रहा है, जेडीयू JNU मुद्दे पर दूसरों के साथ शामिल हो रही है… हम छात्रों पर कोई अत्याचार नहीं होने देंगे लेकिन साथ ही हम राष्ट्र विरोधी लोगों को छोड़ भी नहीं सकते।’ श्रीकांत शर्मा ने कांग्रेस पर आतंकवाद पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हाल में एक पूर्व शीर्ष IB अधिकारी द्वारा की गई टिप्पणी ने विपक्षी दल का ‘पर्दाफाश’ कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘यहां तक कि 26/11 के मुंबई आतंकी हमले में कांग्रेस ने RSS की संलिप्तता का इशारा किया था।’


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