मसूरी | देश में राष्ट्रवाद के नाम पर एक अलग तरह का माहौल तैयार किया जा रहा है. बीजेपी और उससे जुड़े हिन्दुत्वादी संगठन राष्ट्रवाद का चोला ओढ़ सिर्फ सियासी फायदे के लिए लोगो की भावनाओं को भड़काने का काम कर रहे है. इसका असर देखने को भी मिल रहा है. अब हर मुद्दा राष्ट्रवाद के चश्मे से देखा जाने लगा है. देश में बढ़ता राष्ट्रवाद , गुंडागर्दी को जन्म दे रहा है जिसकी बानगी हम रोज कही न कही देख रहे है.

राष्ट्रवाद के नाम पर हो रही गुंडागर्दी का एक नमूना हिमाचल प्रदेश के मसूरी में भी देखने को मिला. यहाँ बीजेपी युवा मोर्चा और हिन्दू जागरण मंच के लोगो ने एक कश्मीरी दुकानदार को निशाना बनाते हुए उसकी दूकान जबरन बंद करा दी. इसके पीछे की वजह बताते हुए बीजेपी युवा मोर्चा की और से कहा गया की कश्मीरी दुकानदार ने अपने फेसबुक पेज पर पाकिस्तान सेना की तारीफ करती हुए एक पोस्ट डाली थी.

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गुरुवार को हुई इस घटना के शिकार 59 वर्षीय मंसूर अहमद बने जो करीब 46 साल से मसूरी में कपडे की दूकान चला रहे है. मंसूर अहमद, मसूरी के सबसे पुराने दुकानदारो में से एक है. फेसबुक पर पाकिस्तानी सेना की तारीफ करने के आरोप पर मंसूर ने कहा की मेरा फेसबुक अकाउंट हैक हो चूका है जिसकी तहरीर मैं पुलिस में दे चूका है. इस बात की पुष्टि मसूरी पुलिस की और से भी की गयी.

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मसूरी थाने के एसएचओ राजीव रौथान ने बताया की मंसूर की और से फेसबुक अकाउंट हैक होने की एफआईआर दर्ज कराई गयी है. इसके अलावा हमने मंसूर का मोबाइल फ़ोन जब्त कर साइबर सेल को भेज दिया है जिससे इस बात की पुष्टि हो सके की उसका अकाउंट हैक हुआ है या नही. पुलिस ने या भी बताया की अब मंसूर की फेसबुक वाल पर कथित राष्ट्रविरोधी पोस्ट अब नही दिख रही है.

उधर बीजेपी युवा मोर्चा के मसूरी इकाई अध्यक्ष धर्मपाल सिंह पंवार ने बताया की उन्होंने मंसूर की दूकान बंद करवाने के बाद पुलिस में उसकी शिकायत दर्ज करा दी है. दरअसल 19 जून से मसूरी के कुछ लोग यहाँ से कश्मीरियों की दूकान हटाने की मुहीम चला रहे है. इनका आरोप है की 18 जून को पाकिस्तान से फाइनल हारने के बाद कुछ मुस्लिम युवको पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए.

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हालाँकि जिन लडको पर नारे लगाने का आरोप लगाया गया उनमे से एक भी कश्मीरी नही था. लेकिन बीजेपी युवा मोर्चा का कहना है की इन युवको को यहाँ के कश्मीरी दुकानदारो ने नारे लगाने के लिए उकसाया. यहाँ के स्थानीय व्यापरी संगठन ने भी सभी कश्मीरी दुकानदारों को 28 फ़रवरी 2018 तक मसूरी छोड़कर चले जाने का अल्टीमेटम दिया है.


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