नई दिल्ली: नामी इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने कहा कि देश में दक्षिणपंथी बौद्धिकों का घोर अकाल है। उन्होंने आरएसएस को ‘कम स्तरीय विचारकों’ का समूह कहकर खारिज कर दिया और बीजेपी को सबसे ‘बौद्धिक विरोधी’ पार्टी कहा। उन्होंने यह भी कहा कि जेएनयू में जो हो रहा है वह ‘चिंता की बात’ है।

इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने कहा, बीजेपी सबसे ज्यादा 'बौद्धिक विरोधी' पार्टीगुहा ने कहा, ‘आरोपों में कुछ हद तक सत्य है कि वाम की विश्वविद्यालयों में पैठ बनी। लेकिन दक्षिणपंथ जब तक वहां बेहतर लोग नहीं पहुंचा पाता तब तक यह नहीं बदलने वाला। अनुपम खेर या थोड़े कम प्रवीण तोगड़िया या स्मृति ईरानी जैसे आपके अहम प्रवक्ता से नहीं होगा। वे बस हमारी बात को आगे बढ़ाएंगे और आगे कीचड़ उछालेंगे।’

पेंग्विन स्प्रिंग फीवर फेस्टिवल में उन्होंने कहा, ‘दुखद है कि बीजेपी सबसे बौद्धिक विरोधी पार्टी है। दुर्भाग्यवश विचार से आरएसएस सबसे ज्यादा बौद्धिक विरोधी लोगों वाला है। (एमएस) गोलवलकर धर्मान्ध की तरह थे। हमें सी राजगोपालाचारी की तरह के लोग नहीं दिखते, जो एक गंभीर और जटिल विचारक थे।’


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