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पनामा पेपर्स के बाद अब पैराडाइज पेपर्स ने दुनिया भर के टैक्स चौरों के बारें में खुलासा कर हलचल मचा दी है.  पैराडाइज पेपर लीक में 714 भारतीयों का नाम भी शामिल है. इन नामों में देश की कई दिग्गज हस्तियाँ है.

इसी क्रम में अब ज़ी समूह के प्रमुख और बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा के नाम के बारें में भी खुलासा हुआ है. ध्यान रहे पहले ही बीजेपी के दो बड़े नेता राज्यसभा सांसद रविन्द्र किशोर सिन्हा और जयंत सिन्हा का नाम सामने आ चूका है.

ऐपलबाय के रिकॉर्ड के मुताबिक़ सुभाष चंद्र के स्वामित्व वाले एस्सेल ग्रुप ने उनके भावी चीनी और ब्राजील के ग्राहकों के लिए ऋण की सुविधाएं प्रदान की थी. क्रेडिट सुइस से 2013 में मौजूदा अपतटीय प्रमोटर कर्ज को वित्तपोषित करने के लिए $ 62 मिलियन का ऋण लिया गया था.

ये  ऋण एसएमटीपी लिमिटेड (मॉरीशस) को दिया गया था, जो बदले में एस्सेल होल्डिंग्स लिमिटेड (मॉरीशस) को एक परिवर्तनीय ऋण के रूप में प्रदान किया गया था. ध्यान रहे ‘पैराडाइज पेपर्स’ में 1.34 करोड़ दस्तावेज शामिल हैं. इस लिस्ट में कुल 180 देशों के नाम हैं. जिसमें भारत 19वें नंबर पर है.

जिन दस्तावेजों की छानबीन की गई है, उनमें से ज्यादातर बरमूडा की लॉ फर्म ऐपलबाय के हैं. 19 साल पुरानी यह कंपनी वकीलों, अकाउंटेंट्स, बैंकर्स और अन्य लोगों के नेटवर्क की एक सदस्य है. खास बात यह है कि ऐपलबाय का दूसरी सबसे बड़ी क्लाइंट एक भारतीय कंपनी है, जिसकी दुनियाभर में करीब 118 सहयोगी कंपनियां हैं.

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