सहारनपुर | 5 मई को सहारनपुर के शब्बीरपुर गाँव में भड़की जातीय हिंसा के आरोपी चंद्रशेखर ‘रावण’ को गिरफ्तार कर लिया गया है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने उनको हिमाचल प्रदेश के डलहौजी से गिरफ्तार किया. यह गिरफ़्तारी इतनी गोपनीय थी की की इसकी भनक हिमाचल प्रदेश पुलिस को भी नही हुई. फ़िलहाल चंद्रशेखर को सहारनपुर लाया जा रहा है, जहाँ उनसे पूछताछ की जायेगी.

गुरुवार को यूपी पुलिस की स्पेशल टास्क फाॅर्स को चंद्रशेखर के हिमाचल में छिपे होने की खबर मिली. इसलिए उन्होंने बेहद ही गोपनीय ऑपरेशन में उसे गिरफ्तार करने का प्लान बनाया. सूत्रों के अनुसार यह ऑपरेशन इतना गोपनीय था की खुद हिमाचल प्रदेश पुलिस को भी इसकी भनक नही लग पायी. यूपी पुलिस पिछले एक महीने से चन्द्रशेखर की तलाश कर रही थी.

चंद्रशेखर ‘रावण’ पर सहारनपुर में हुए जातीय संघर्ष को भडकाने का आरोप है. पुलिस के अनुसार जब शब्बीरपुर गाँव में जातीय संघर्ष शुरू हुआ तब चंद्रशेखर की भीम आर्मी ने लोगो को भड़काकर ऊँची जाति के लोगो पर हमले करवाए. बताते चले की दलितों और ठाकुरों के बीच हुए उस जातीय संघर्ष में कई लोगो की जान चली गयी थी और करीब 20 घरो को आग के हवाले कर दिया गया था.

इसके बाद पुलिस ने ठाकुर और दलित , दोनों ही समुदाय के लोगो के खिलाफ जातिय हिंसा भड़काने के आरोप में मामले दर्ज किये. इसी के विरोध में भीम आर्मी ने सहारनपुर में एक पंचायत बुलाई जिसमे हजारो दलित युवाओं ने हिस्सा लिया. लेकिन बिना इजाजत बुलाई गयी इस पंचायत को जब पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो भीम आर्मी के लोगो ने पुलिस पर ही हमला कर दिया.

इसके बाद चंद्रशेखर के नेतृत्व में भीम आर्मी ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया जिसमे अच्छी खासी भीड़ जुटी. मालूम हो की 2014 में चंद्रशेखर ने भीम आर्मी का गठन किया था. फ़िलहाल पश्चिमी यूपी यह संगठन काफी मजबूत स्थिति में है. काफी दलित युवा इस संगठन की और आकर्षित हो इसको ज्वाइन कर रहे है. पहले तो प्रशासन को भी इस संगठन की ताकत का अंदाजा नही था लेकिन सहारनपुर में पुलिस कर्मियों पर हुए हमले ने संगठन की ताकत का सही आंकलन हो गया.


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