यूपी के दादरी में एक बार फिर बिसाहड़ा जैसा तनाव तैयार होता दिख रहा है। बिसाहड़ा गांव के लोगों ने ‘साठ चौरासी’ की महापंचायत बुलाने की तैयारी कर रहे हैं।
File Photoसाठ चौरासी, 60 सिसोदिया राजपूत गावों के उस समूह को कहा जाता है, जो 84 तोमर राजपूत गावों से घिरा हुआ है। यह महापंचायत बीफ के भ्रम में हुई इखलाक की हत्या के मामले में राज्य सरकार के रवैये पर विचार करने के लिए बुलाई गई है।

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मंगलवार को गांव के मंदिर में हुई एक शुरुआती बैठक में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद यह फैसला किया गया कि वे गुरुवार को होली नहीं मनाएंगे। इस दौरान राज्य सरकार के खिलाफ नारे भी लगे।

बैठक में शामिल लोगों ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह एक समुदाय विशेष का खास ख्याल रख रही है जबकि बाकी लोगों की मांगों को नजरअंदाज कर रही है। उनका कहना था कि राज्य सरकार, पुलिस और प्रशासन ने उनके साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा, ‘हमने जांच में पूरा सहयोग करते हुए अपने बच्चों को भी पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने गैर पक्षपाती जांच की बात कही थी, लेकिन हमें ऐसा लगता है कि सरकार एक ही समुदाय को तवज्जो दे रही है।’

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बैठक में शामिल होने आए एक व्यक्ति ने कहा, ‘हमने मदद के लिए अपने समुदाय के लोगों को बुलाया है। हमने दो कमिटी का गठन किया है। होली के बाद हम पर्चे बांटकर पुलिस की धोखाधड़ी को सबसे सामने लाएंगे। एक कमिटी जो बुजुर्गों से बनी होगी वह साठ चौरासी गांवों का दौरा करेगी और सहयोग की अपील करेगी, जबकि दूसरी कमिटी युवाओं की होगी जो बिसाहड़ा के आस-पास के इलाके लोगों का उत्साह बढ़ाएगी।’

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गौरतलब है कि इस बैठक की प्रशासन या पुलिस को कोई खबर तक नहीं थी, क्योंकि मौके पर पुलिस का एक भी जवान मौजूद नहीं था। (NBT)


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