नई दिल्ली – बीफ को लेकर विवादित बयान दे चुके हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि वह सूबे में रह रहे विदेशी लोगों को बीफ खाने की अनुमति देने पर विचार कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक खट्टर का कहना है कि राज्य में बीफ बैन को लेकर लागू कड़े कानून में वह विदेशी लोगों के लिए विशेष तौर पर कुछ ढील दे सकते हैं। खट्टर ने कहा कि राज्य में बीफ पर बैन सिर्फ हरियाणवी परंपरा को बनाए रखने के लिए है।

‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘यदि हम उनके लिए कुछ विशेष सुविधा देने की क्षमता रखते हैं, तो हम उसकी व्यवस्था करेंगे। यह एक तरह का विशेष लाइसेंस होगा। कानून को कोई चुनौती नहीं दे सकता।’ बीफ बैन को हरियाणवी परंपरा के तहत बताते हुए उन्होंने कहा, ‘हर किसी की खाने और पीने की अपनी लाइफस्टाइल होती है। जो लोग बाहर से आए हैं, हम उनका विरोध नहीं करते। यहां तक कि हम इसके लिए किसी का विरोध नहीं कर रहे।’

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इससे पहले अक्टूबर 2015 में मनोहर लाल खट्टर के बयान की वजह से विवाद पैदा हो गया था। खट्टर ने बीफ बैन को लेकर कहा था, ‘मुस्लिमों को यदि इस देश में रहना है तो बीफ खाना छोड़ना होगा।’ खट्टर सरकार ने पिछले साल मार्च में हरियाणा गोवंश संरक्षण और गोसंवर्धन विधेयक पारित कराया था। हरियाणा सरकार के इस विधेयक को नवंबर में राष्ट्रपति की ओर से भी मंजूरी मिल गई थी।

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गोवंश संरक्षण और गोसंवर्धन कानून के मुताबिक राज्य में गोवंश के कत्ल करने पर 3 से 10 साल तक की कैद और एक लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा स्लॉटर हाउस के लिए गायों का निर्यात करने वालों को भी तीन से 7 साल तक कैद की सजा और 30 से 70 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

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