सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला देते हुए राज्य सरकारों को आदेशित किया हैं कि देशभर के थानों में दर्ज एफआईआर (FIR) को 24 घंटे के भीतर पुलिस या राज्य सरकार की वेबसाइट पर अपलोड किया जाए.

यूथ लायर्स ऐसोसिएशन ऑफ इंडिया की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति सी़ नागप्पन ने बुधवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि वे पुलिस थानों में प्राथमिकी दर्ज होने के 24 घंटे के अंदर उसे अपनी वेबसाइट पर ऑनलाइन करें.

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पीठ ने यह भी साफ किया कि आरोपी कोर्ट में इस तथ्य का फायदा नहीं उठा सकते कि उनके खिलाफ दायर प्राथमिकी वेबसाइट पर नहीं लगाई गई है. कोर्ट ने आतंकवाद, उग्रवाद और यौन अपराधों से जुड़े मामलों में छूट देते हुए कहा कि ऐसे मामलो में एफआईआऱ अपलोड करने की जरुरत नहीं है.

हालांकि कोर्ट ने दुर्गम क्षेत्रों में जहां इंटरनेट क्नेक्टिविटी कम रहती है वहां 72 घंटे में एफआईआर की कॉफी अपलोड करने के आदेश दिए हैं.

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