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विवादों में घ‍िरे इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के प्रमुख जाकिर नाइक की मुसीबतें कम होने के बजाय बड़ने वाली हैं. जाकिर नाइक की दो एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) और आईआरएफ एजुकेशनल ट्रस्ट को बैन किया जा सकता हैं.

कानून मंत्रालय ने सरकार को 2005 और 2012 के एफआईआऱ को आधार बनाकर सिफारिश भेजी है जिसके तहत जाकिर नाईक की दोनों एनजीओ को बैन किया जा सकता हैं.

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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, जाकिर की एनजीओ के विदेशी चंदे की जांच फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट 2010 (एफसीआरए) के तहत की जाएगी. गृह मंत्रालय इस बात की जांच कर रहा है कि आईआरएफ और आईआरएफ एजुकेशनल ट्रस्ट ने एफसीआरए का उल्लंघन तो नहीं किया.

गृहमंत्रालय अब इस प्रस्‍ताव पर विचार कर रहा है और अगर ऐसा होता है तो फिर जाकिर नाइक की संस्‍था को पांच वर्षों के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाएगा. पांच वर्ष का बैन पूरा होने के बाद इसका रिव्‍यू होगा और फिर अगर सरकार को लगा तो बैन आगे बढ़ाया जाएगा.

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