लखनऊ | पूर्व की अखिलेश सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर हमेशा हमलावर रहने वाली बीजेपी, अब सत्ता में आने के बाद बगले झांकती दिख रही है. फ़िलहाल उत्तर प्रदेश में बीजेपी, हिन्दू युवा वाहिनी , बजरंग दल आदि संगठनों के कार्यकर्त्ता खुद कानून की धज्जिया उड़ाते फिर रहे है. कही न कही से रोजाना इन लोगो की गुंडागर्दी की घटनाएं सामने आ रही है.

अभी हाल ही में आगरा और फतेहपुर सिकरी में बीजेपी नेता ने अपने समर्थको के साथ थाने पर धावा बोल दिया था. यही नही एक पुलिस कर्मी को थप्पड़ भी मारा गया था. इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संसदीय क्षेत्र गोरखपुर में एक बीजेपी विधायक की डांट से महिला आईपीएस के रोने की घटना अखबारों की सुर्खिया बन चुकी है. अब एक ऐसी ही घटना मछलीशहर कोतवाली क्षेत्र से भी सामने आई है.

यहाँ जाम हटवाने गए एक दरोगा के साथ बजरंग दल के संयोजक ने पहले अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और बाद में देख लेने की धमकी भी दी. मिली जानकारी के अनुसार क़स्बा इंचार्ज सगीर अहमद को कस्बे में जाम की सूचना मिली. जब सगीर जाम हटवाने के लिए सादीगंज मोहल्ला पहुंचे तो वहां एक मोटरसाइकिल आड़ी तिरछी खडी हुई मिली. दुकानदारों से पता करने पर भी जब कोइ मालिक सामने नही आया तो मोटरसाइकिल का प्लग निकाल लिया गया.

थोड़ी देर बाद कोतवाल पन्नग भूषण ने सगीर को बुलाकर प्लग वापिस करने के लिए कहा. इस दौरान वहां बजरंग दल के संयोजक राजकुमार पटवा भी मौजूद थे. सगीर के वहां पहुँचते ही राजकुमार ने उनके साथ कहासुनी शुरू कर दी. जिससे दोनों के बीच खूब नोकझोंक हुई. मामला बिगड़ता देख कोतवाल ओझा को बीच बचाव करना पड़ा. दरअसल सगीर ने जिस मोटरसाइकिल का प्लग निकाला था वो राजकुमार की थी.

इस बात से नाराज राजकुमार ने सगीर को देख लेने की बात भी कही. हालाँकि जवाब में सगीर ने भी कुछ इसी तरह की बात कही. बाद में सगीर ने आरोप लगाया की उसने मुझे गुंडा कहा जबकि राजकुमार का आरोप था की कस्बा इंचार्ज ने उन्हें गाली दी और उनकी बाइक की चाबी को नाले में फेंक दिया. दोनों तरफ से लगे आरोप प्रत्यारोप के बीच सूत्रों ने बताया की सगीर को क़स्बा इंचार्ज पद से हटा दिया गया है.


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