6 दिसम्बर 1992 को एतिहासिक बाबरी मस्जिद को गिराने को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी,मुरली मनोहर जोशी तथा केंद्रीय मंत्री उमा भारती सहित सभी 12 आरोपियों पर सीबीआई की विशेष अदालत ने आरोप तय कर दिए हैं. इन पर अब आपराधिक साजिश का मामला चलेगा.

कोर्ट ने सभी आरोपियों पर 120 B के तहत आरोप तय कर दिए. आरोपियों ने डिस्चार्ज ऐप्लिकेशन देकर अपने खिलाफ चार्ज खारिज करने की मांग करते हुए कहा था कि मस्जिद गिराए जाने में उनकी कोई भूमिका नहीं है. लेकिन कोर्ट ने उनकी यह मांग खारिज कर दी.

हालांकि इससे पूर्व कोर्ट ने 20 हजार के निजी मुचलके पर सभी को ज़मानत दे दी. इस बीच, केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कोर्ट के फैसले के पहले एक बार दोहराया कि यह साजिश नहीं, आंदोलन था. वहीं, रामविलास वेदांती ने माना कि उन्होंने ही विवादित मस्जिद गिराया है और उन्हें इस बात का कोई गिला नहीं है. वेदांती ने दावा किया कि पूरा देश राम मंदिर निर्माण चाहता है.

इन पर हैं आरोप
लालकृष्ण आडवाणी. मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा, विष्णु हरि डालमिया, रामविलास वेदांती, महंत नृत्य गोपाल दास, चंपत राय बंसल और बैकुंठलाल शर्मा प्रेम पर आरोप हैं. बता दें कि यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मौजूदा वक्त में राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह पर केस नहीं चलेगा. पद पर होने की वजह से उन्हें केस से छूट दी गई है. पद से हटने के बाद उन पर केस चल सकता है.


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