हरिद्वार | एक देश एक कर के सिद्धांत पर चलते हुए बहुत जल्द देश में जीएसटी लागु होने वाला है. आजादी के बाद सबसे बड़े कर सुधार के तौर पर देखे जा रहे जीएसटी को एक जुलाई से पुरे देश में लागू किया जा रहा है. इसके लिए लगभग सभी तैयारिया पूरी कर ली गयी है. इसके अलावा किस उत्पाद को किस कर दर के दायरे में रखा जायेगा, यह भी तय हो चूका है.

अभी कुछ दिन पहले जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में करीब 1250 प्रोडक्ट पर कर की दर का निर्धारण कर दिया गया. लेकिन बैठक के बाद जो सूची सामने आई है उससे मोदी सरकार के सबसे बड़े समर्थक बाबा रामदेव खफा हो गए है. उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उनके स्लोगन ‘अच्छे दिन’ पर कटाक्ष किया है. रामदेव ने सरकार से पुछा है की आयुर्वेद पर ज्यादा कर लगाकर अच्छे दिन कैसे आ सकते है.

रामदेव ने अपनी कंपनी पतंजली के जरिये मोदी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने पुछा की बेहतर स्वास्थ्य के अधिकार के बिना लोग ‘अच्छे दिन’ को कैसे महसूस कर और जी सकते है. दरसल मोदी सरकार ने आयुर्वेदिक दवाईयों पर 12 फीसदी टैक्स लगाने का फैसला किया है. इससे पहले इन दवाइयों पर सात फीसदी टैक्स लगता था. करीब पांच फीसदी अतिरिक्त टैक्स लगने से ये दवाइयों महंगी हो जाएगी जिससे लोगो का रुझान इलाज की इस पद्दति से हट सकता है.

रामदेव के अलावा उद्योग संगठन एसोसिएशन आफ मैनुफैक्चरर्स आफ आयुर्वेदिक मेडिसिन्स (एएमएएम) ने भी सरकार के इस फैसले पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा की एक तरफ सरकार आक्रमक तरीके से आयुर्वेद को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है और दूसरी और वो जीएसटी में आयुर्वेद पर अतिरिक्त टैक्स लगा रही है, इससे ये दवाए आम आदमी की पहुँच से दूर हो सकती है. बताते चले की बाबा रामदेव प्रधानमंत्री मोदी के धुर समर्थक माने जाते है. यहाँ तक की लोकसभा चुनावो के दौरान बाबा रामदेव ने खुलकर मोदी के समर्थन में चुनाव प्रचार भी किया था.


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