अयोध्या में बाबरी मस्जिद की मिलकियत को लेकर चल रहे मामले में देश की सर्व्वोच अदालत से मृत पक्षकारों के नाम हटाने की मांग की गई है.

सुप्रीम कोर्ट में याचिका पेश कर मांग की गई कि उन पक्षकारों के नाम हटा दिए जाए जिनकी मौत हो चुकी है. इस मामले में सोमवार को सुनवाई होनी है.

याचिकाकर्ता के वकील विष्णु जैन ने बताया कि 10 अगस्त 2017 की रिपोर्ट के मुताबिक जब हाई कोर्ट में मामला पेंडिंग था उस वक्त राम दयाल सरण, महंद रामेश्वर दास, महंत गंगा दास, स्वामी गोविंदाचार्य, मोहम्मद फैक, मोहम्मद अछन मियां की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी. ऐसे में इनके नाम हाई कोर्ट ने मेमो लिस्ट से हटा दिया था.

ऐसे में अब सुप्रीम कोर्ट को गुहार लगाई गई है कि जिन लोगों की मौत हो चुकी है उन सभी के नाम पक्षकारों की लिस्ट से हटा दिए जाएं. ध्यान रहे पिछली सुनवाई के दौरान 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि दूसरी भाषाओं से जुड़े सभी दस्तावेजों को तीन महीने के भीतर अंग्रेजी में अनुवाद किया जाए.

इस दौरान अदालत को बताया गया था कि करीब 9 हजार पेज के दस्तावेज हैं जो अलग-अलग भाषाओं में हैं और जिनका जिक्र सुनवाई के दौरान किया गया है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने 5 दिसंबर की तारीख तय कर दी थी और कहा था कि मामले की सुनवाई अब टाली नहीं जाएगी.


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