राजस्थान में एक जमीन विवाद के चलते ऑटो चालक ने इस संबंध में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी। ऑटो चालक को उसके पूछे गए प्रश्नों का जवाब 39 किलो वजनी नौ हजार पन्नों में दिया गया, जिसे डाक विभाग ने भेजने से मना कर दिया।
right-to-information-56983859afa92_exlst
इसके बाद ऑटो चालक खुद डाक के स्थानीय दफ्तर पहुंचा और वह भी इतने पन्ने देखकर हैरान रह गया। आखिर में वह भी सारे पन्ने ऑटो में डालकर घर ले गया।

उदयपुर में बीपीएल कार्ड धारक 47 वर्षीय ऑटो चालक शांतिलाल के साथ यह घटना हुई। जवाब लेने दफ्तर पहुंचे शांतिलाल को इन फोटो स्टेट की एवज में करीब 17500 रुपये का नोटिस थमा दिया।

हालांकि अपीलीय अधिकारी से संपर्क करने पर शांति लाल से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लेने के आदेश दे दिए। उसका आरोप है कि जब वह जवाब लेने दफ्तर पहुंचा, तो अफसरों ने धमकाया और अनपढ़ कहते हुए मजाक भी उड़ाया।

शांति लाल ने एसीबी कोर्ट में रीको के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। करीब 20 साल पहले उसके पिता की पंचोली गांव से डेढ़ बीघा जमीन राजस्थान इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (रीको) ने कॉलोनी विकसित करने के लिए कब्जे में ले ली थी।

शांति लाल का आरोप है कि संबंधित स्थान पर और लोगों की भी जमीन थी, लेकिन उसे रीको ने नहीं लिया। इस मामले को लेकर उसने पिछले वर्ष जुलाई और अगस्त के बीच तीन आरटीआई लगाई थीं।

साभार अमर उजाला


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

कमेंट ज़रूर करें