ईटानगर | पुरे देश में बीफ को लेकर हंगामा मचाने वाली बीजेपी , इस मुद्दे पर अंदरूनी कलह से भी झूझ रही है. खासकर उत्तर पूर्व में बीजेपी नेता खुलकर बीफ के समर्थन में उतर आये है. इन नेताओं का कहना है की वो खुद भी बीफ खाते है और इसमें कुछ भी गलत नही है. फ़िलहाल बीजेपी के लिए यह मुद्दा गले की हड्डी बन चूका है. अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने आज बीफ खाने की बात स्वीकार कर बीजेपी की मुश्किलें और बढ़ा दी है.

बीजेपी नेता और अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने सीएनएन-न्यूज़ 18 से बात करते हुए स्वीकार किया की वो भी बीफ खाते है. उन्होंने मोदी सरकार के उस सर्कुलर पर भी नाराजगी जताई जिसमे मारने के मकसद से पशुओ की खरीद फरोख्त पर रोक लगा दी थी. उन्होंने कहा वो ऐसे नोटिफिकेशन का समर्थन नही करते. उत्तर पूर्व में लोग बीफ खाते है , मैं भी बीफ खाता हूँ और इसमें कुछ भी गलत नही है.

पेमा खांडू ने मोदी सरकार से पशु की खरीद फरोख्त वाले नोटिफिकेशन पर दोबारा विचार करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा की जिन प्रदेश में लोग बीफ खाते है वहां इस तरह के नोटिफिकेशन का समर्थन नही किया जा सकता. हालाँकि पेमा खांडू ने कहा की मोदी सरकार इस मामले में बेहद संवेदनशील है. लेकिन केन्द्रीय मंत्री वैंकया नायडू ने कहा है की वो अलग अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मिलेंगे और इस नोटिफिकेशन पर दोबारा विचार किया जायेगा.

पेमा खांडू ने कहा की यह मांग केवल अरुणाचल प्रदेश के लिए नही है बल्कि पुरे उत्तर पूर्व राज्यों के लिए है. क्योकि पूरा उत्तर पूर्व इलाका आदिवासी बहुल क्षेत्र है और यहाँ अधिकतर लोग मांसाहारी है. पेमा खांडू के इस इंटरव्यू के बाद विपक्षी पार्टिया खासकर कांग्रेस , बीजेपी पर हमलवार हो सकती है. बताते चले की खांडू से पहले मेघालय के दो बीजेपी नेताओं ने भी बीफ का समर्थन किया था.


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