रोहतक | योग गुरु बाबा रामदेव को पिछले साल एक सम्मलेन में विवादित बयान देना भारी पड़ गया है. रोहतक की एक अदालत ने रामदेव के खिलाफ गिरफ़्तारी वारंट जारी करने के आदेश दे दिए है. इसलिए अब उनके सर पर गिरफ़्तारी की तलवार लटक रही है. रामदेव के खिलाफ कांग्रेस के नेता और पूर्व मंत्री सुभाष बत्रा ने अदालत में याचिका डाल उनके खिलाफ कार्यवाही की माँग की थी.

दरअसल रामदेव पिछले साल हरियाणा के रोहतक में हुए सद्भावना सम्मलेन में शिरकत करने पहुंचे थे. हरियाणा के ब्रांड अम्बेसेडर रामदेव ने इस कार्यक्रम में एक ऐसा बयान दिया था जिसके बाद उनकी काफी आलोचना हुई थी. यही नही उस बयान की एक विडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गयी थी. बाबा रामदेव के बयान से आहत होकर सुभाष बत्रा ने रोहतक के एसपी से मिलकर मांग की थी की रामदेव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाये.

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जब पुलिस ने सुभाष की शिकायत पर रामदेव के खिलाफ मुकदमा दर्ज नही किया तो उन्होने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. अपनी याचिका में उन्होंने बताया की रामदेव ने सद्भावना सम्मलेन में कहा था अगर कानून आड़े नही आये तो मैं उन सब लोगो का सर कलम करवा दूँ जो भारत माता की जय नही बोलना चाहते. रामदेव के इस बयान को देश द्रोह से जोड़ते हुए सुभाष ने कोर्ट से रामदेव के खिलाफ कार्यवाही की मांग की थी.

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इस याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कई बार रामदेव को समन भेजा लेकिन वो एक बार भी कोर्ट में हाजिर नही हुए. इसलिए कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ़्तारी वारंट जारी कर दिया. अब रामदेव को अदालत में हाजिर होकर जमानत लेने पड़ेगी. बताते चले की अभी कुछ दिन पहले सुभाष और रामदेव के बीच एक गुप्त मीटिंग भी हो चुकी है जिसको इसी केस से जोड़कर देखा जा रहा है.

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