पिछले आठ महिनों से लापता जवाहरलाल नेहरू युनिवर्सिटी के छात्र नजीब अहमद के खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस से रिश्तें जोड़ें जाने को लेकर हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और टाइम्स ऑफ़ इंडिया से जवाब तलब किया है.

शुक्रवार को जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस दीपा शर्मा की खंडपीठ ने दिल्‍ली पुलिस से सवाल कि क्‍या उसने टाइम्‍स ऑफ इंडिया के रिपोर्टर राजशेखर झा से जवाब तलब किया जिसने ”प्रेस में स्‍टोरी (आइएसआइएस) प्‍लान्‍ट की थी?” पीठ ने सवाल किया कि ”क्‍या आपने पत्रकार से जवाब तलब किया और पता लगाया कि किसने प्रेस में यह स्‍टोरी प्‍लान्‍ट करवायी थी? यह परिवार की प्रतिष्‍ठा को बहुत नुकसान पहुंचाने वाला कदम है…”

जस्टिस सांघवी ने कहा, ”यह पत्रकार पुलिस के स्रोत का हवाला दे रहा है. अगर पुलिस खुद इस लीक का खंडन कर रही है, तो आपको पता लगाना चाहिए कि यह काम किसने किया.”

गौरतलब रहें कि टाइम्‍स ऑफ इंडिया में 21 मार्च को दिल्‍ली पुलिस के हवाले से राजशेखर झा की बाइलाइन से छपी थी कि नजीब गूगल और यू-ट्यूब पर इस्‍लामिक स्‍टेट से जुड़ी सामग्री खोजता था. खबर के मुताबिक दिल्‍ली पुलिस ने दावा किया था कि जिस सुबह जेएनयू का छात्र नजीब गायब हुआ उससे एक रात पहले 14 अक्‍टूबर को वह आइएस के एक नेता का भाषण सुन रहा था जिस दौरान एबीवीपी के छात्रों ने उसका दरवाजा खटखटाया और उसकी झड़प हुई


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