anna

भारत के जानेमाने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे OROP की मांग को लेकर पूर्व सैनिक द्वारा आत्महत्या करने पर प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने मोदी सरकार को इस मुद्दें को लेकर आन्दोलन की चेतवानी दी हैं.

उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री एक तरफ फौजियों की बहादुरी के गुणगान करते नहीं थकते लेकिन जब वन रैंक वन की बात आती है तो सरकार वादा पूरा नहीं करती.

और पढ़े -   अंतराष्ट्रीय न्यायालय में कुलभूषण जाधव का मामला उठाना भारत की सबसे बड़ी गलती - काटजू

उन्होंने आन्दोलन की चेतावनी देते हुए कहा, वन रैंक वन पेंशन को यदि जल्द से जल्द लागू नहीं किया गया तो मैं फिर आंदोलन करूंगा. अन्ना ने कहा, ‘पंत प्रधान एक तरफ फौजियों की बहादुरी के गुणगान करते हैं लेकिन जब वन रैंक वन पेंशन की बात आती है तो वादा पूरा नहीं करते.’

अन्ना हज़ारे ने कहा कि देशवासियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए सैनिक, सीमा पर दुश्मन से लड़ते हैं, अपनी जान जोखिम में डालते हैं, दुश्मन की गोली सीने पर हस्ते हस्ते सहते हैं, जख्मी होते हैं, अपाहिजों की जिंदगी भी बसर करते हैं जबकि नेता सिर्फ आश्वासन के सिवा कुछ नहीं देते.

और पढ़े -   बच्चा चोरी के आरोप में पीट पीट कर मारा गया नईम , कैंसर पीड़ित बेटी का था बाप

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE