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सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी परियोजना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना भारत की मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए दुर्भाग्यपूर्ण साबित होगी. अन्ना ने इस बारे में मोदी को तीन पेज का पत्र भी लिखा है.

पत्र में हजारे ने लिखा कि ह गांवों पर केंद्रित विकास की गांधीवादी अवधारणा के खिलाफ है और इससे पर्यावरण को बहुत अधिक नुकसान होगा. गांधी जी ने गांवों को आत्मनिर्भर इकाइयों के रूप में विकसित करने की वकालत की थी, लेकिन मोदी शहरीकरण और स्मार्ट सिटी की बातें करते हैं. शहरीकरण पेट्रोल, डीजल, केरोसीन और कोयले की खपत को बेतहाशा बढ़ा देगा. ये वस्तुएं बीमारियों के अलावा ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाएंगी.

महात्मा गांधी के ‘गो टू विलेजेस’ आह्वान का हवाला देते हुए हजारे ने मोदी से गांवों को विकास का केंद्र बनाने पर जोर देने को कहा है साथ ही लोकपाल के मसले पर अन्ना ने कहा कि सत्ता में आने के दो वर्षों बाद भी सरकार ने अब तक केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्तों की नियुक्ति नहीं की है.


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