जामिया मिलिया इस्लामिया के शिक्षकों ने सोमवार को गौरक्षा के नाम पर भीड़ के दंगों की घटनाओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान सभी ने अपनी बाहों पर काले रंग का बैंड बाँधा हुआ था और मिलकर एक ही स्वर में हत्यारी भीड़ के खिलाफ नारे लगा रहे थे.

डॉ वीरमनी एस (सहायक प्रोफेसर, प्रबंधन अध्ययन केंद्र, जामिया मिलिया इस्लामिया) ने कहा,  हमारे देश में भीड़ के द्वारा जो घटनाए अंजाम दी जा रही है. ये लोकतंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती है. उन्होंने कहा, गौरक्षा के नाम पर बेगुनाहों को मारा जा रहा है. हम ऐसे हमलों की निंदा करते हैं.

उन्होंने आगे कहा हर किसी को इस देश में शांति से रहना का हक़ है क्योंकि भारत की मुख्य विशेषता धर्मनिरपेक्षता है. हमें एक और गुलामी नहीं बनानी चाहिए क्योंकि यह ब्रिटिश शासन के तहत हुआ था. एक भारतीय को किसी अन्य भारतीय के जरिये गेर-कानूनी कृत्यों के नाम पर दास नहीं बनाना चाहिए.

डॉ वीरमनी ने कहा, निर्दोष लोगों को निंदा करना देश की स्थिरता के लिए वास्तविक खतरा हैं क्योंकि वे लोकतंत्र और कानून को चुनौती दे रहे हैं. हम प्रोफेसरों और शिक्षकों के रूप में ऐसे हमलों की निंदा करते हैं.


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