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नई दिल्ली | मीडिया पर लगाम लगाकर इमरजेंसी जैसे हालात पैदा करके केंद्र सरकार अपने पैरो पर ही कुल्हाड़ी मार रही है. प्रसारण मंत्रालय ने NDTV को 9 नवम्बर के दिन ऑफ एयर होने का आदेश दिया है. केंद्र सरकार का यह आदेश लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ की स्वतंत्रता पर सीधा आघात है. कई मीडिया ग्रुप , केंद्र सरकार के इस कदम का विरोध कर चुके है वही एडिटर्स गिल्ड ने भी केंद्र सरकार से अपने निर्णय को वापिस लेने की अपील की है.

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दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने केंद्र सरकार के इस आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कल कहा था की अगर कोई भी न्यूज़ चैनल मोदी जी की आरती नही करेगा तो उसका भी यही हाल होगा. केजरीवाल ने आज NDTV के समर्थन में उतारते हुए सभी मीडिया ग्रुप से अपील की है.

केजरीवाल ने आज ट्वीट कर कहा की मुझे आशा है की सभी मीडिया ग्रुप NDTV के समर्थन में , 9 नवम्बर को ऑफ एयर हो जायेंगे. हालांकि केजरीवाल की अपील से पहले कुछ वेब न्यूज़ पोर्टल ने NDTV को समर्थन देते हुए घोषणा की है की वो उस दिन कोई भी न्यूज़ अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध नही करा सकेंगे.

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केजरीवाल के अलावा बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी केंद्र सरकार के इस कदम की आलोचना की है. ममता बनर्जी ने इसे आपातकाल के साथ जोड़ते हुए कहा की ऐसा प्रतीति हो रहा है जैसे देश में इमरजेंसी जैसे हालात हो. NDTV पर बैन लगाना बेहद ही दुखद है. अगर सरकार को पठानकोट कवरेज से कोई दिक्कत थी तो उसके लिए और भी रास्ते थे, लेकिन इसके लिए बैन लगाना , इमरजेंसी जैसे हालातो को जाहिर करता है.

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उधर NDTV ने अपनी सफाई में कहा की पठानकोट पर हमारी कवरेज बेहद ही संतुलित थी. हमने वो ही दिखाया जो बाकी न्यूज़ चैनल दिखा रहे थे और जो सार्वजानिक था.


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