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जेएनयू के गुमशुदा छात्र नजीब अहमद की तलाश को लेकर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अपनी जांच शुरू करते हुए डीसीपी के नेतृत्व में 15 सदस्यीय टीम ने करीब 8 घंटे तक जेएनयू में जेएनयू प्रशासन, रजिस्ट्रार वार्डन, सुरक्षा अधिकारी, सुरक्षा गार्ड, विभिन्न संगठनों के छात्र नेताओं व छात्रों से लंबी पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किये.

संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) रविंद्र यादव ने कहा, ”हम हर एक तथ्य को नए नजरिए से फिर से बारीकी से देख रहे हैं. पूरे घटनाक्रम को हम शुरू से देखेंगे, हर सुराग को परखेंगे जो हो सकता है कि नजर में आने से छूट गया हो.”

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इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने नजीब की सुचना देने पर दी जाने वाली ईनाम की राशि को  भी बढ़ा दिया है. अब इनाम की राशि को बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है. वहीँ दूसरी तरफ पिछले करीब एक महीने से नजीब को खोजने में जुटी दिल्ली पुलिस एसआइटी की सभी सात टीमें रविवार को वापस दिल्ली लौट गईं हैं.

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एसआइटी में शामिल अधिकारियों के मुताबिक बीते 15 अक्टूबर की सुबह से ही नजीब का फेसबुक, ट्विटर, ई-मेल व उसके फोन बंद पड़े है. उसके बैंक एकाउंट पर भी पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है, लेकिन खाते में बाहर कहीं से निकासी न होने की वजह से पुलिस हैरान है.

यूपी के बदायूं का रहने वाला नजीब 14 अक्टूबर से ही लापता हैं. लापता होने से एक दिन पहले कथित तौर पर ABVP के कार्यकर्ताओं ने नजीब के साथ मारपीट की थी.

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