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यूपीए सरकार में रहे वितमंत्री और फिर देश के राष्ट्रपति पद पर आसीन प्रणव मुखर्जी दोबारा राष्ट्रपति का पद ग्रहण नहीं करना चाहते हैं. राष्‍ट्रपति प्रणव मुखर्जी का कार्यकाल अगले साल जुलाई में समाप्‍त होने जा रहा है. ऐसे में उन्होंने अपने करीबियों को इस बात का इशारा दे दिया हैं.

राष्ट्रपति मुखर्जी को यूपीए सरकार ने नॉमिनेट किया था लेकिन अब बीजेपी नित एनडीए की उन्‍हें फिर से नॉमिनेट करने की कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही हैं. ऐसे में हो सकता हैं राष्‍ट्रपति ने स्वयं स्थिति को भांपकर ये फैसला लिया हो. मोदी सरकार भी प्रणव मुखर्जी की जगह लेने वाले व्‍यक्ति पर फैसला नहीं ले पाई है.

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बीजेपी में इस समय राष्ट्रपति पद के लिए अमिताभ बच्‍चन, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार, लोकसभा अध्‍यक्ष सुमित्रा महाजन, सामाजिक न्‍याय मंत्री थावरचंद गहलोत, राज्‍यपाल राम नाईक और द्रोपदी मुर्मु के नाम सामने आ रहे हैं. हालाँकि पनामा पेपर्स में नाम आने के बाद से अमिताभ बच्‍चन का नाम बाहर हो गया.


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