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बाबरी मस्जिद विवाद के मुख्य पैरोकार हाशिम अंसारी के निधन के बाद उनके बेटे इस केस के पैरोकार बनेंगे. इस बारे में बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक जफरयाब जिलानी ने कहा है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है और हाशिम अंसारी ने अपने बेटे को उत्तराधिकारी बना रखा है. इस लिए इस मामले में उनके निधन से कोई फर्क नहीं पड़ेगा.

वही दूसरी ओर रामलला विराजमान के वकील ने कहा कि हाशिम के निधन से कोर्ट केस पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने सभी पक्षकारों में हाशिम को नेक नियत और साफ दिल इंसान बताया. साथ ही उन्होंने कहा कि, हाशिम ने अयोध्या और फैजाबाद में अमन शांति के लिए काफी प्रयास किये.

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जीलानी ने उन दिनों को याद करते हुए बताया कि अंसारी इतने नेक दिल इंसान थे कि उन्होंने कभी इस मुद्दे को लेकर कोई वित्तीय फायदा उठाने की कोशिश नहीं की. वह न बिके और न ही कभी किसी के सामने झुके.जिलानी ने कहा कि हाशिम अंसारी की आखरी इच्छा पूरी न हो सकी वे चाहते थे कि उनके जिन्दा रहते इस मसले का आपसी बातचीत से सुलह हो जाए.

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