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भोपाल में कथित एनकाउंटर में मारे गये सिमी कार्यकर्ताओं का मुकदमा लड़ रहें अधिवक्ता तहव्वुर खान ने इस एनकाउंटर को एक साजिश बताते हुए कहा कि. सिमी कार्यकर्ताओं का ट्रायल ख़त्म ही होने वाला हैं. उन्होंने आगे कहा, उन्होंने कई बार भोपाल सेंट्रल जेल का दौरा किया हैं. भोपाल जेल इतनी अत्याधुनिक हैं कि कोई वहां से ऐसे ही नहीं भाग सकता.

तहव्वुर खान ने कहा,  सिमी कार्यकर्ताओं का ट्रायल ख़त्म होने वाला था. सिर्फ 18 से 20 गवाहों के बयान लेना बाकी रह गया था. मैं उनके वकील होने के नाते कह सकता हूँ कि उनके खिलाफ तथ्यात्मक रूप से या कानूनी तौर पर कोई भी पर्याप्त सबूत नहीं था. वहाँ  से उनका जेल तोड़न कर भाग जाने का कोई कारण नहीं है. क्योंकि अदालत का फैसला उनके पक्ष में था. और उनकी सप्ताह भर में बरी होकर बाहर आने की उम्मीद थी.

उन्होंने जेल तोड़कर भाग जाने की बात को सिरें से नकारते हुए कहा कि उनके भाग जाने का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि जब वे जानते थे कि वे बरी हो जा रहे हैं. तो वे ऐसे ने भागेंगे क्यों? उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा इसके पीछे एक बड़ी साजिश हैं.

तहव्वुर खान ने कहा, उन लोगों (सिमी कार्यकर्ताओं) को न्यायपालिका पर पूरा यकीन था. जब मेने उनके जेल से भागने और फिर मुठभेड़ में मारे जाने के बारें में खबर सुनी तो ये चोकाने वाली थी. मेने उनके परिवार को बताया कि वहां कुछ गड़बड़ हैं. मेने उन्हें कहा, यह सब झूठ है. इसके पीछे एक गहरी साजिश हैं.

उन्होंने आगे कहा, सेंट्रल जेल में कड़ी सुरक्षा रहती हैं. मै वहां कई बार गया हूँ, यह भारत की सबसे सुरक्षित जेलों में से एक हैं. जेल में सात परती सुरक्षा हैं. इस जेल में उन्ही को रखा जाता हैं जो अंडरट्रायल होते हैं. पुलिस सिर्फ बकवास कर रही हैं. वे सभी जानते थे कि अगर वे भागे तो मारे जायेंगे. इसके अलावा वे सभी जानते थे कि वे बरी होने वाले हैं.

सिमी कार्यकर्ताओं के वकील तहव्वुर खान ने इस कथित फरारी और उसके बाद की गई इस कथित मुठभेड़ की उच्चस्तरीय जांच की मांग की हैं.


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