नई दिल्ली: अच्छे दिन लाने का वाद करने वाली सरकार के कारनामे तो जग जाहिर हैं ही इन्हीं कारनामों में एक कारनामा ऐसा है जो शायद देश में पहली बार हो रहा है। जी जनाब आप सही सुन रहे हैं और हम सही लिख रहे हैं। अच्छे दिनों की आड में आपका गला दबाने आपकी आवाज़ बंद करने की साजिश रची जा रही है।

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ऐसी ही एक बुलंद आवाज़ जर्नलिस्ट पुष्प शर्मा जिन्होंने पिछले दिन आयुष मंत्रालय को RTI के जरिये पूछे गए एक सवाल का जवाब का खुलासा दिल्ली के मश्हूर अखबार “द मिली गजट” में किया था को पिछले दिनों पुलिस ने गिरफ्तार कर दिमागी तौर पर परेशान करने की कोशिश की।

वाक़या १५ मार्च का है जिस दिन दिल्ली पुलिस के कोटला मुबारक पुलिस स्टेशन के पुलिस अधिकारियों ने पुष्प शर्मा को उनके लिखे एक आर्टिकल के लिए हिरासत में लेकर पूछताश शुरू कर दी। पूछताश के बारे में बताते हुए पुष्प शर्मा ने बताया कि पूछताश के दौरान उन्हें बार बार उसके आर्टिकल में लिखी एक लाइन: ”अबकी बार मुस्लिमों पे वार, शुक्रिया मोदी सरकार” के बारे में पुछा गया। और यही एक लाइन को लेकर मेरे ऊपर अलग अलग धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई।

पूछताश के बारे में बताते हुए पुष्प शर्मा ने कहा कि पुलिस, इंटेलिजेंस ब्यूरो और बाकी इंटेलिजेंस एजेंसियों का कहना था कि आयुष मंत्रालय में मुस्लिम समुदाय के लोगों को न रखे जाने की बात मुझे किसी अंदर के भेदिये ने दी है जबकि सच तो यह है की सरकार की इन गुप्त नीतियों का पता लगाने के लिए मेरा सोर्स कोई भी हो सकता है।

पत्रकार का काम होता है लोगों की आवाज़ को मिलाना, गलत और सही के बारे में लोगों को बताना और जो सच है उसे बेधड़क सबके सामने रखना। मैं एक मुस्लिम अखबार “द मिली गजट” का पत्रकार हूँ जो एक ऐसी अखबार है जिसने हमेशा मुसलमानों के हक़ में आवाज़ उठाई है और अखबार इस बात को खुलेआम कहती लिखती और बताती भी है।

ऐसे में हमारे लोगों के साथ क्या हो रहा है, देश के मुसलामानों के साथ क्या हो रहा है इस बात को सामने लाने की जिम्मेवारी ही मेरा काम है। मेरे खिलाफ जो केस दर्ज किये गए हैं उन केसों से डरकर मैं अनन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाना बंद कर दूंगा ऐसा अगर सरकार, पुलिस या कोई और सोचता है तो ऐसा होने वाला नहीं है।

इसके इलावा पुष्प शर्मा ने इस बात का खुलासा करते हुए बताया है कि अपने सोर्स से उन्हें पता चला है कि आयुष मंत्रालय के अफसरों ने एक मीटिंग कर इस बात का फैसला किया है कि अब से आयुष मंत्रालय में मुस्लिम कैंडिडेट्स को ज्यादा से ज्यादा रखने की कोशिश की जायेगी ताकि मंत्रालय पर लगा भेदभाव का यह बदनुमा दाग किसी तरह से छिपाया जा सके।

पुष्प का कहना है कि वो मुस्लिम समाज के लिए वे काम करते रहेंगे सरकार उन पर चाहे तो एक की बजाय ऐसे और केस भी दर्ज कर ले। लेकिन एक पत्रकार की भूमिका वो निभा कर ही रहेंगे। (Siasat)


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